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शिमला: एचपीयू में मूट कोर्ट प्रतियोगिता शुरू, देशभर की 16 टीमें लेंगी हिस्सा
Ankesh Dogra
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:07 PM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतर महाविद्यालय मूट कोर्ट प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से आई 16 टीमें भाग ले रही हैं। इसका विषय महिला आरक्षण विधेयक रखा गया है। इसमें प्रतिभागी विधेयक से जुड़े कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर अपने तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह विशेष अतिथि रहे।
प्रतियोगिता के आयोजन के लिए एचपीयू के विधि विभाग में छह न्यायालय कक्ष तैयार किए गए हैं। इन कक्षों में विभिन्न टीमों के बीच मूट कोर्ट की कार्यवाही आयोजित की जा रही है। प्रतिभागी वास्तविक न्यायालय की कार्यप्रणाली की तर्ज पर निर्धारित विषय पर अपना पक्ष रख रहे हैं।
इस दौरान विद्यार्थियों को कानूनी शोध, तथ्यों के आधार पर तर्क प्रस्तुत करने और संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या करने का अवसर मिल रहा है।
विश्वविद्यालय के विधि विभाग के अध्यक्ष ललित धड़वाल ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता हर वर्ष विश्वविद्यालय में आयोजित की जाती है। यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को न्यायालय की कार्यप्रणाली समझने, कानूनी तर्क विकसित करने और अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में न्यायिक और कानूनी क्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।
दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों और महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर कानूनी दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे हैं।
विभिन्न संस्थानों की टीमें अपने शोध, कानूनी ज्ञान और तर्क क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को कानूनी विषयों पर गहन अध्ययन करने और न्यायालय जैसी परिस्थितियों में अपना पक्ष रखने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।
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