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'पेट्रोल महंगा हो तो होने दो, ईरान को हराना जरूरी': जनता को ट्रंप का फरमान; होर्मुज को लेकर किया बड़ा दावा
Sat, 15 Aug 2026 10:49 PM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 15 Aug 2026 10:49 PM IST
सार
होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान का टकराव और गहरा गया है। ट्रंप अमेरिकी लोगों से पेट्रोल के लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार रहने को कह रहे हैं। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण बना रहेगा और बातचीत अभी दोबारा शुरू नहीं हुई है। ट्रंप ने और क्या-क्या कहा? जानिए...
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
क्या ईरान से बढ़ते तनाव की कीमत अब अमेरिकी जनता को पेट्रोल महंगा खरीदकर चुकानी होगी? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकियों से पेट्रोल के लिए थोड़ा ज्यादा भुगतान करने को तैयार रहने को कहा। न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में एक राजनीतिक रैली में ट्रंप ने कहा कि एक बहुत बुरे देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए गैसोलीन की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी सहना उचित होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हराने के बाद होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करेंगे। इससे पहले ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ चुका है। युद्धविराम की दिशा में बातचीत भी आगे नहीं बढ़ रही है।
ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया?
होर्मुज कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां तेल टैंकरों की आवाजाही रुकी हुई है। ईरान ने शनिवार को अमेरिका से 'हार की हकीकत स्वीकार करने' को कहा। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक्स पर लिखा कि जब तक अमेरिका अपनी हार स्वीकार नहीं करता और कल्पनाओं में रहना बंद नहीं करता, तब तक ईरान नाकेबंदी लागू करता रहेगा। ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज को केवल उसके आदेश पर खोला और बंद किया जाएगा।
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क्या अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू होगी?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने का फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करने के लिए अमेरिका को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। इस बीच ट्रंप और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर और आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात कही है। बेसेंट ने न्यूजमैक्स से कहा कि तेहरान के खिलाफ अतिरिक्त कदमों की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी।
यह भी पढ़ें: 'बांग्लादेश को फिर पाकिस्तान बनाने की रची जा रही साजिश': शेख हसीना का आरोप, बोलीं- देश में अराजकता का दौर
क्या अमेरिका में पेट्रोल और महंगा होने वाला है?
अमेरिका में इस संकट का असर पेट्रोल की कीमतों पर दिखने लगा है। रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत 4.08 डॉलर प्रति गैलन रही। यह एक साल पहले की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा है। शुक्रवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में करीब एक डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में साप्ताहिक आधार पर 6.0 प्रतिशत और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 5.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज होने की उम्मीद थी।
क्या आर्थिक दबाव झेल रहा है ईरान?
अमेरिका के खिलाफ कड़े तेवर के बावजूद ईरान भी इस संघर्ष की आर्थिक कीमत चुका रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि देश में महंगाई बढ़ने की वजह अमेरिका की ओर से बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरान के तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हैं। यानी संकट का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। एक तरफ अमेरिका में पेट्रोल महंगा हो रहा है। दूसरी तरफ ईरान भी महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हराने के बाद होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करेंगे। इससे पहले ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ चुका है। युद्धविराम की दिशा में बातचीत भी आगे नहीं बढ़ रही है।
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ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया?
होर्मुज कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां तेल टैंकरों की आवाजाही रुकी हुई है। ईरान ने शनिवार को अमेरिका से 'हार की हकीकत स्वीकार करने' को कहा। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक्स पर लिखा कि जब तक अमेरिका अपनी हार स्वीकार नहीं करता और कल्पनाओं में रहना बंद नहीं करता, तब तक ईरान नाकेबंदी लागू करता रहेगा। ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज को केवल उसके आदेश पर खोला और बंद किया जाएगा।
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क्या अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू होगी?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने का फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करने के लिए अमेरिका को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। इस बीच ट्रंप और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर और आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात कही है। बेसेंट ने न्यूजमैक्स से कहा कि तेहरान के खिलाफ अतिरिक्त कदमों की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी।
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क्या अमेरिका में पेट्रोल और महंगा होने वाला है?
अमेरिका में इस संकट का असर पेट्रोल की कीमतों पर दिखने लगा है। रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत 4.08 डॉलर प्रति गैलन रही। यह एक साल पहले की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा है। शुक्रवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में करीब एक डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में साप्ताहिक आधार पर 6.0 प्रतिशत और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 5.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज होने की उम्मीद थी।
क्या आर्थिक दबाव झेल रहा है ईरान?
अमेरिका के खिलाफ कड़े तेवर के बावजूद ईरान भी इस संघर्ष की आर्थिक कीमत चुका रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि देश में महंगाई बढ़ने की वजह अमेरिका की ओर से बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरान के तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हैं। यानी संकट का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। एक तरफ अमेरिका में पेट्रोल महंगा हो रहा है। दूसरी तरफ ईरान भी महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है।