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Bihar: कुलपति की कार्यशैली पर घिरी बिहार विवि; राज्यपाल को पत्र और सदन में हंगामे के बाद CM के पाले में गेंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 06:24 PM IST
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सार
Bihar News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति की कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नियुक्ति, नामांकन और वित्तीय मामलों में अनियमितता के आरोपों के बाद उच्चस्तरीय जांच की मांग उठी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। पढ़ें पूरी खबर...
बिहार कृषि विश्वविद्यालय
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर इन दिनों प्रशासनिक और वित्तीय फैसलों को लेकर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आरोपों के बीच उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है और पूरे प्रकरण ने राज्य सरकार का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है।
सीएम को पत्र लिखकर उठाए सवाल
जानकारी के अनुसार, बिहार विधान परिषद की याचिका समिति के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुलपति द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की जा रही है, जिससे संस्थान की साख प्रभावित हो रही है।
नामांकन प्रक्रियाओं को लेकर लगाए गंभीर आरोप
शिकायत में नियुक्ति और नामांकन प्रक्रियाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में योग्यता और निर्धारित नियमों के बजाय विवादास्पद तरीकों को अपनाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन और ठेकों के आवंटन को लेकर भी अनियमितताओं की चर्चा सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को बिहार विधान परिषद के हालिया सत्र में भी उठाया गया था, जहां सरकार से जवाब मांगा गया। वहीं, राज्यपाल को भी इस संबंध में पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
ये भी पढ़ें- शिक्षा का मंदिर या मजदूरी का अड्डा? स्कूली बच्चों से ढुलवाए बेंच-डेस्क; वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग से प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। यदि जांच के आदेश दिए जाते हैं, तो पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में लिए गए प्रमुख निर्णयों की विस्तृत समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल कुलपति कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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सीएम को पत्र लिखकर उठाए सवाल
जानकारी के अनुसार, बिहार विधान परिषद की याचिका समिति के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुलपति द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की जा रही है, जिससे संस्थान की साख प्रभावित हो रही है।
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नामांकन प्रक्रियाओं को लेकर लगाए गंभीर आरोप
शिकायत में नियुक्ति और नामांकन प्रक्रियाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में योग्यता और निर्धारित नियमों के बजाय विवादास्पद तरीकों को अपनाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन और ठेकों के आवंटन को लेकर भी अनियमितताओं की चर्चा सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को बिहार विधान परिषद के हालिया सत्र में भी उठाया गया था, जहां सरकार से जवाब मांगा गया। वहीं, राज्यपाल को भी इस संबंध में पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
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सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग से प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। यदि जांच के आदेश दिए जाते हैं, तो पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में लिए गए प्रमुख निर्णयों की विस्तृत समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल कुलपति कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
