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Bihar: सेप्टिक टैंक में दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत, सरकार ने दो-दो लाख मुआवजे का किया ऐलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 06:28 PM IST
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सार
Bihar News: भागलपुर के कदवा थाना क्षेत्र में शौचालय टंकी की शटरिंग खोलते समय दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों की जान चली गई। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
रोते हुए परिजन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नवगछिया पुलिस जिला के खैरपुर कदवा गांव में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां सेप्टिक टैंक में लगे शटरिंग को खोलने के दौरान दम घुटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
एक को बचाने में चली गई तीन की जान
मृतकों की पहचान बमबम मंडल, जय नंदन मंडल और श्रीलाल मंडल के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले श्रीलाल मंडल टंकी के अंदर काम करने उतरे थे, जहां जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें बचाने के लिए जय नंदन मंडल नीचे उतरे, लेकिन वे भी बेहोश हो गए। इसके बाद तीसरे व्यक्ति के रूप में बमबम मंडल अंदर गए, पर वे भी बाहर नहीं लौट सके।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौथे व्यक्ति को रस्सी बांधकर नीचे उतारने की तैयारी की गई, लेकिन उसकी भी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रयास रोक दिया गया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही कदवा थाना सहित आसपास के तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ ओम प्रकाश और डीसीएलआर भी घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
ये भी पढ़ें- दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे राज्यपाल, सीनेट बैठक में शिक्षा व्यवस्था सुधार का दिया संदेश
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दुखद हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। साथ ही, प्रत्येक मृतक के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की गई है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। एक साथ तीन मजदूरों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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मृतकों की पहचान बमबम मंडल, जय नंदन मंडल और श्रीलाल मंडल के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले श्रीलाल मंडल टंकी के अंदर काम करने उतरे थे, जहां जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें बचाने के लिए जय नंदन मंडल नीचे उतरे, लेकिन वे भी बेहोश हो गए। इसके बाद तीसरे व्यक्ति के रूप में बमबम मंडल अंदर गए, पर वे भी बाहर नहीं लौट सके।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौथे व्यक्ति को रस्सी बांधकर नीचे उतारने की तैयारी की गई, लेकिन उसकी भी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रयास रोक दिया गया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही कदवा थाना सहित आसपास के तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ ओम प्रकाश और डीसीएलआर भी घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
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सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दुखद हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। साथ ही, प्रत्येक मृतक के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की गई है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। एक साथ तीन मजदूरों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

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