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Bihar: मगध मेडिकल में डॉक्टरों का आंदोलन, मरीज बेहाल; OPD बंद होने से सैकड़ों लोग बिना इलाज लौटे

Sat, 06 Jun 2026 03:09 PM IST
मगध ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया Published by: मगध ब्यूरो Updated Sat, 06 Jun 2026 03:09 PM IST
सार

गया के अनुग्रह मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के कारण ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। हॉस्टल, मेस और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन से सैकड़ों मरीज बिना इलाज लौट गए। प्रशासन और डॉक्टरों के बीच वार्ता जारी है।

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Bihar Junior Doctors Strike at Magadh Medical College OPD Services Shut Patients Stranded
जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के कारण मरीज हुए प्रभावित - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अनुग्रह मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन का सीधा असर मरीजों पर देखने को मिला। हॉस्टल, मेस और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर डॉक्टरों ने विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया, जिससे इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए कई मरीज घंटों तक डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन ओपीडी सेवाएं बाधित रहने के कारण उन्हें बिना उपचार कराए वापस लौटना पड़ा। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बार-बार अस्पताल आना आसान नहीं होता।
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एसी की समस्या से शुरू हुआ विवाद
जूनियर डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में लंबे समय से एयर कंडीशनिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। भीषण गर्मी के बीच ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर में काम करना कठिन हो गया था। विरोध के बाद प्रशासन ने एसी की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी कई अन्य मांगें अब भी लंबित हैं।
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हॉस्टल और मेस की समस्याओं पर जोर
डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष के कई छात्र-छात्राओं को अब तक हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया है। ऐसे में उन्हें निजी मकानों में रहकर पढ़ाई और प्रशिक्षण करना पड़ रहा है। इसके अलावा पुराने हॉस्टल भवनों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। उनका कहना है कि भवनों की मरम्मत और नई आवासीय सुविधाओं की तत्काल आवश्यकता है।

रजिस्ट्रेशन व्यवस्था भी प्रभावित
आंदोलन का असर केवल ओपीडी सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हुई। शुरुआती घंटों में कुछ मरीजों का पंजीकरण हुआ, लेकिन बाद में प्रक्रिया बाधित हो गई। इससे मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, जांच और उपचार की सुविधाएं नहीं मिल सकीं।

सड़क और नाली व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर की सड़क और जल निकासी व्यवस्था को भी खराब बताया। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में हॉस्टल से अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।

प्रशासन और डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी के साथ भी इस संबंध में चर्चा जारी है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जल्द ही सभी मुद्दों का समाधान निकाल लिया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएंगी।


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स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ओपीडी सेवाएं ठप होने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कई चुनौतियों को उजागर कर दिया है। एक ओर डॉक्टर बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन को संतुलित समाधान निकालना होगा ताकि डॉक्टरों की समस्याओं का निवारण हो और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित न हों।
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