Bihar: बिहार बंद के बीच समस्तीपुर में हाई वोल्टेज प्रदर्शन, समाहरणालय गेट पर हंगामा; पुलिस से नोकझोंक
नीट पेपर लीक मामले और छात्रों की मांगों को लेकर बुलाए गए बिहार बंद का समस्तीपुर में व्यापक असर देखने को मिला। भीम आर्मी, वामपंथी छात्र-युवा संगठनों और अन्य बंद समर्थकों ने पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला।
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नीट पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों को लेकर बुलाए गए बिहार बंद का असर शनिवार को समस्तीपुर में भी देखने को मिला। भीम आर्मी, वामपंथी छात्र-युवा संगठनों और अन्य बंद समर्थकों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक निकाले गए प्रतिरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाहरणालय गेट पर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ देर तक भारी हंगामा हुआ। वहीं, ताजपुर में आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने एनएच-122 जाम कर दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की।
पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक निकला प्रतिरोध मार्च
बिहार बंद के आह्वान पर शनिवार को भीम आर्मी और उससे जुड़े संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता पटेल गोलंबर पर एकत्र हुए। यहां से सभी ने समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। समाहरणालय गेट पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसलिए सरकार को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद निकला मार्च
भीम आर्मी और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद एसडीओ कार्यालय से समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और हालिया मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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ताजपुर में NH-122 किया जाम
बिहार बंद के समर्थन में समस्तीपुर जिला मुख्यालय के अलावा ताजपुर में भी आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रखंड चौक स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-122 (NH-122) को कुछ समय के लिए जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व आइसा के जीतेंद्र सहनी और आरवाईए के आसिफ होदा ने किया।
एनटीए भंग करने और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग
ताजपुर में प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, जंतर-मंतर और राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार आंदोलनकारियों की रिहाई, दर्ज मुकदमों की वापसी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। सभा को सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता और राजदेव प्रसाद सिंह ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में मो. जावेद, मो. एजाज, रॉकी खान, चांदबाबू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों को डिटेन करने पर पुलिस से नोकझोंक
जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को डिटेन करने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का विरोध और तेज हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया और किसी बड़े टकराव को टाल दिया।
पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समाहरणालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई। सहायक पुलिस अधीक्षक संजय कुमार पांडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहे। नगर थाना पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।
इस्तीफे की घोषणा के बाद सामान्य होने लगे हालात
प्रदर्शन के दौरान ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। हालांकि एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी रखी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में सतर्कता बरती गई। फिलहाल सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।