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Bihar: बेटी का केक ऑर्डर करने निकला था फौजी पिता, ट्रक की टक्कर से हुई मौत; 12 वर्षीय भतीजे ने दी मुखाग्नि
Tue, 21 Jul 2026 09:46 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 09:46 AM IST
सार
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में सड़क हादसे में शहीद हुए सेना के जवान अभिषेक आनंद का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तीन साल की बेटी का जन्मदिन मनाने छुट्टी पर आए जवान की धबौलिया पुल पर ट्रक से टक्कर में मौत हो गई थी।
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अंतिम संस्कार के दौरान जुटी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सेना के जवान अभिषेक आनंद का सोमवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम सलामी दी। उन्हें मुखाग्नि उनके 12 वर्षीय भतीजे अभिनव राज ने दी।
पति से शव से लिपटकर रोनी लगीं पत्नी
मृत जवान का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंचा, पत्नी अंशु अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ पति के शव से लिपटकर रोने लगीं। परिवार के सदस्य और गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। पूरे इलाके का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
केक का ऑर्डर देने जाते समय ट्रक ने मारी टक्कर
बताया जाता है कि अभिषेक आनंद राजस्थान के बीकानेर में भारतीय सेना में तैनात थे। वह अपनी तीन वर्षीय बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए 20 दिनों की छुट्टी लेकर गांव आए थे। रविवार शाम वह अपने दो दोस्तों के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से केक का ऑर्डर देने बाजार जा रहे थे। इसी दौरान धबौलिया पुल पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बुलेट की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में सेना के जवान सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों युवकों के शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। अभिषेक आनंद वर्ष 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
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ये भी पढ़ें- Bihar: 27 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ धराए थानाध्यक्ष, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप
दो अन्य साथियों ने गंवाई जान
इस हादसे में पंकज राय और बादल यादव की भी मौत हुई थी। दोनों का अंतिम संस्कार भी सोमवार को किया गया। पंकज राय अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं। वहीं, बादल यादव की अभी शादी नहीं हुई थी। वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे, जबकि पंकज राय समाजसेवा से जुड़े हुए थे। उनके बड़े भाई वर्तमान में वार्ड पार्षद हैं।
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पति से शव से लिपटकर रोनी लगीं पत्नी
मृत जवान का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंचा, पत्नी अंशु अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ पति के शव से लिपटकर रोने लगीं। परिवार के सदस्य और गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। पूरे इलाके का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
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केक का ऑर्डर देने जाते समय ट्रक ने मारी टक्कर
बताया जाता है कि अभिषेक आनंद राजस्थान के बीकानेर में भारतीय सेना में तैनात थे। वह अपनी तीन वर्षीय बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए 20 दिनों की छुट्टी लेकर गांव आए थे। रविवार शाम वह अपने दो दोस्तों के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से केक का ऑर्डर देने बाजार जा रहे थे। इसी दौरान धबौलिया पुल पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बुलेट की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में सेना के जवान सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों युवकों के शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। अभिषेक आनंद वर्ष 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
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दो अन्य साथियों ने गंवाई जान
इस हादसे में पंकज राय और बादल यादव की भी मौत हुई थी। दोनों का अंतिम संस्कार भी सोमवार को किया गया। पंकज राय अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं। वहीं, बादल यादव की अभी शादी नहीं हुई थी। वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे, जबकि पंकज राय समाजसेवा से जुड़े हुए थे। उनके बड़े भाई वर्तमान में वार्ड पार्षद हैं।