Sawan 2026: 33 फीट सहस्त्रलिंगम के सानिध्य में पहली बार होगा रुद्राभिषेक, शुरू हुई तैयारी
सावन के पवित्र महीने में महावीर स्थान न्यास समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। इस वर्ष पहली बार पूर्वी चंपारण के रामजानकी नगर स्थित विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में 3 अगस्त से रुद्राभिषेक शुरू होगा।
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गवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान चार सोमवारी पड़ेंगी और अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को होगी। सावन के अवसर पर महावीर स्थान न्यास समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। इस बार पहली बार पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के साथ-साथ पूर्वी चंपारण के रामजानकी नगर (कैथवलिया) स्थित विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में भी विधिवत रुद्राभिषेक कराया जाएगा। इसके लिए विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
3 अगस्त से शुरू होगा रुद्राभिषेक
सावन की पहली सोमवारी 3 अगस्त को है। इसी दिन से विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में रुद्राभिषेक की शुरुआत होगी। श्रद्धालु पूरे सावन माह में यहां भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करा सकेंगे।
रुद्राभिषेक का शुल्क 1100 रुपये
महावीर स्थान न्यास समिति ने विराट रामायण मंदिर में रुद्राभिषेक का शुल्क 1100 रुपये निर्धारित किया है।
रुद्राभिषेक कराने वाले श्रद्धालुओं को पूजा की सामग्री स्वयं लानी होगी। वहीं पूजा विधि संपन्न कराने के लिए अयोध्या से दो अनुभवी पुजारियों को बुलाया गया है। यही दोनों पुजारी पूरे सावन माह में शिव मंडप में रुद्राभिषेक कराएंगे।
पूजा सामग्री के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 3 अगस्त से शिव मंडप परिसर में नैवेद्य, फूल-माला और पूजा सामग्री के लिए अलग काउंटर भी शुरू किया जाएगा। इससे भक्तों को प्रसाद और पूजा सामग्री लेने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी
महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि विराट रामायण मंदिर में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर प्रशासन की कोशिश है कि पूजा-अर्चना के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि यदि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्घा की भी व्यवस्था की जाएगी।
विश्व का सबसे बड़ा 33 फीट सहस्त्रलिंगम बना आकर्षण का केंद्र
विराट रामायण मंदिर में स्थापित 33 फीट ऊंचा सहस्त्रलिंगम इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक के लिए अलग से एक शिव मंडप का निर्माण किया गया है। इस शिव मंडप में 33 इंच का लघु सहस्त्रलिंगम स्थापित किया गया है, जहां श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे।
प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
विराट रामायण मंदिर में प्रतिदिन करीब चार से पांच हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
120 एकड़ में बन रहा विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर
पूर्वी चंपारण के रामजानकी नगर (कैथवलिया) में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। मंदिर परिसर में कुल 22 मंदिर और 18 शिखरों का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है। निर्माण पूरा होने के बाद इसे विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर माना जाएगा। पटना से इस मंदिर की दूरी लगभग 120 किलोमीटर है।
रुद्राभिषेक के लिए ऐसे कराएं बुकिंग
विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में रुद्राभिषेक कराने के इच्छुक श्रद्धालु 9717974548 (सुमन) पर संपर्क कर बुकिंग करा सकते हैं। मंदिर प्रशासन ने पहले से बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के समय किसी तरह की परेशानी न हो।