दरभंगा में ऑनर किलिंग: शादी के 12 दिन बाद युवक की हत्या, पीड़िता ने भाई पर लगाया आरोप; चार आरोपी गिरफ्तार
दरभंगा में अंतरजातीय प्रेम विवाह के 12 दिन बाद ही युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि लड़की के भाई ने शादी से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
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शादी के महज 12वें दिन पति की हत्या ने इलाके में खौफ फैला दिया। प्रेमिका से पत्नी बनी गायत्री का सुहाग उजड़ गया। हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि लड़की के भाई ने अंतरजातीय शादी से नाराज होकर कर दी। पोस्टमार्टम के दौरान वह बार-बार फफक-फफक कर रो रही थी। ससुराल पक्ष के लोग उसे सांत्वना देकर चुप कराने की कोशिश कर रहे थे।
लेकिन जैसे ही मृत पति का शव एंबुलेंस से घर ले जाने के लिए रखा गया, वह अचानक पुलिसकर्मी से पूछने लगी कि “अब मेरा क्या होगा, हम कहां जाएंगे, सर?” पुलिसकर्मी ने जवाब दिया “जब अपनी मर्जी से फैसला लिया है, तो आगे का फैसला भी तुम्हें ही करना पड़ेगा।”
लड़का कोलकाता में कैब ड्राइवर की नौकरी करता था
मृतक शंकर ठाकुर चार भाइयों और चार बहनों में तीसरे नंबर पर था, जबकि गायत्री भी चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है। बतौर दुल्हन, गायत्री कुमारी का दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के असथुआ गांव में सामने रहने वाले शंकर ठाकुर के साथ करीब चार साल से प्रेम संबंध था। इस दौरान दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रहती थी। लड़की गांव में जीविका समूह में काम करती थी, जबकि लड़का कोलकाता में कैब ड्राइवर की नौकरी करता था।
प्रेम संबंध से नाराज रहता था भाई
गायत्री ने बताया कि उसका भाई आलोक कुमार राय उनके प्रेम संबंध से नाराज रहता था। वह हमेशा धमकी देता था कि उससे शादी नहीं करना, वरना अंजाम बुरा होगा। इन धमकियों से परेशान होकर गायत्री 16 मार्च को ट्रेन पकड़कर कोलकाता अपने प्रेमी के पास चली गई, जहां 17 मार्च को दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वे वहीं रहने लगे।
करीब एक सप्ताह पहले, 26 मार्च को दोनों दरभंगा पहुंचे। इसके बाद 27 मार्च को दरभंगा कोर्ट में कोर्ट मैरिज की और भरवाड़ा बाजार में किराए के मकान में रहने लगे। शनिवार को ससुराल वाले उनके कमरे पर आए और घर चलने को कहा। गायत्री भाई के डर से जाना नहीं चाहती थी, लेकिन पारिवारिक दबाव में वह पति के घर चली गई।
चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया
इसके बाद देर रात हत्या के आरोपी भाई आलोक राय ने शंकर के मोबाइल पर फोन कर उसे बाहर बुलाया। शंकर के भाई पिंटू ने पहले जाने से मना किया, लेकिन आलोक ने बहाना बनाकर उसे जबरदस्ती बुला लिया और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह बताते हुए गायत्री बार-बार रो पड़ती है।
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वहीं, भतीजे कृष्णा कुमार ने बताया कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था, जिससे लड़की का भाई नाराज था। उसने कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। उसने बताया कि चाचा-चाची गांव आने के बाद कुछ दिन बाहर रहे, फिर दादा जी ने उन्हें घर बुला लिया था। लेकिन शनिवार रात दुर्गा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान लड़की के भाई ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं आरोपियों के प्रति लोगों में गुस्सा भी है। सिंहवाड़ा थाना पुलिस ने रविवार सुबह नाटकीय अंदाज में डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड से आलोक राय, उसके भाई जीतू राय, पिता गुलाब राय और लड़की की मां को गिरफ्तार कर लिया है।
इस संबंध में सदर डीएसपी-2 शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि प्रेम प्रसंग में भागकर शादी करने का मामला सामने आया था। शादी से नाराज लड़की के भाई ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले में सिंहवाड़ा थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।