LPG Crisis: DMCH में गैस किल्लत से मरीजों की थाली से गायब हुई रोटी, भात-दाल का सहारा, बाजार से मिठाइयां लापता
LPG Crisis: दरभंगा में एलपीजी संकट गहराने से DMCH में मरीजों की रोटी बंद हो गई है, सुधा डेयरी की मिठाइयां बाजार से गायब हैं और गैस की किल्लत के कारण छात्र व मजदूर भी शहर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
विस्तार
रसोई गैस की किल्लत के कारण बाजारों में मिलने वाले सामान की धीरे-धीरे कमी होने लगी है। बाजारों में सुधा डेयरी के काउंटर से रसगुल्ले और गुलाब जामुन मिलना बंद हो गया है। वहीं ग्रामीण इलाकों से शहर में आकर पढ़ाई करने वाले छात्र भी अब फिर से गांव की ओर लौटने लगे हैं।
छोटे सिलेंडर में रिफिलिंग काफी महंगी
बड़े सिलेंडर की आपूर्ति कम होने के कारण छोटे सिलेंडर में रिफिलिंग या तो काफी महंगी हो गई है या फिर मिलने में काफी परेशानी हो रही है। इसी वजह से छात्र पढ़ाई छोड़कर अपने गांव वापस लौट रहे हैं।
मरीजों को मिलने वाली रोटी बंद
अब DMCH में मरीजों को भोजन देने वाली जीविका समूह द्वारा संचालित 'दीदी की रसोई' से समोसा, चाय सहित कई व्यंजन परोसना करीब एक महीने से बंद है। वहीं मरीजों को मिलने वाली रोटी भी बंद हो गई है। अब केवल भात, दाल और सब्जी ही दी जा रही है।
कैंटीन प्रबंधन की मजबूरी
छात्र और मजदूर भी परेशान
वहीं, नाका पांच के लॉज में रहने वाले रोशन कुमार और साकेत सिंह ने बताया कि बिना गैस के खाना बनाना असंभव हो गया है। बिजली या कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने पर लॉज संचालक आपत्ति जताते हैं। केरोसिन स्टोव पर भी खाना बनाने में दिक्कत होती है, जिससे शहर में रहने का खर्च काफी बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि माता-पिता भी कुछ दिनों तक घर में रहकर पढ़ाई करने की सलाह दे रहे हैं, इसलिए वे गांव जाने की योजना बना रहे हैं। कोचिंग सेंटर से ऑनलाइन लिंक मिलते ही वे वापस लौट आएंगे। इसी तरह की परेशानियों से दिहाड़ी मजदूर भी जूझ रहे हैं। जिले के कुशेश्वरस्थान, बिरौल, घनश्यामपुर आदि प्रखंडों के मजदूर होटल में खाने से मजदूरी घटने की बात बता रहे हैं।
सुधा डेयरी पर भी असर
एलपीजी क्राइसेस का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं बल्कि उद्योगों पर भी पड़ रहा है। दरभंगा सुधा डेयरी के प्रबंधक डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 17 मार्च से ही कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। इस संबंध में एजेंसी को डेयरी की ओर से पत्र लिखा गया है और शीघ्र आपूर्ति का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने बताया कि रसगुल्ले के उत्पादन में एलपीजी की आवश्यकता होती है, जिसकी आपूर्ति बाधित है। वहीं सुधा के अन्य उत्पादों के निर्माण में एलपीजी की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उनका निर्माण बॉयलर के माध्यम से होता है, जो डीजल से सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
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प्रशासन की अपील
दरभंगा के डीएम कौशल कुमार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सजग रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम 245055 सक्रिय है। एलपीजी से संबंधित शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है, जिसका समाधान संबंधित पदाधिकारी के माध्यम से किया जा रहा है।