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Bihar: संसाधन सीमित थे, हौसले नहीं; विमानों को उड़ाने का देखा था सपना, अब पायलट बनने के करीब पहुंचीं सृष्टि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 10:04 PM IST
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सार
Saran: सारण की सृष्टि ने पायलट बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए डीजीसीए ग्राउंड क्लासेज सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ाया। अब उनका अगला लक्ष्य एयरलाइन कैडेट प्रोग्राम पूरा कर कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करना है।
सारण की सृष्टि सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अगर सपनों को मेहनत के पंख मिल जाएं तो गांव की पगडंडियां भी आसमान तक पहुंचने का रास्ता बना देती हैं। सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकचक पंचायत के इश्मैला गांव की बेटी सृष्टि सिंह ने यह साबित कर दिखाया है कि ग्रामीण परिवेश किसी की उड़ान को सीमित नहीं कर सकता। अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने पायलट बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ग्राउंड क्लासेज सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली हैं।
आसमान में उड़ते विमानों ने जगाया था उड़ान का सपना
दिघवारा प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकचक पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अभय कुमार सिंह एवं प्रतिमा सिंह की पुत्री सृष्टि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध अंबिका भवानी आमी गांव स्थित शक्ति शांति अकादमी से प्राप्त की है। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए उन्होंने हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखा था। बचपन से ही आसमान में उड़ते विमानों को देखकर उनके मन में पायलट बनने की इच्छा जगी थी, जिसे उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।
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डीजीसीए ग्राउंड क्लासेज पूरी कर हासिल की बड़ी उपलब्धि
सृष्टि ने हैदराबाद स्थित एवियाकॉन्स पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से डीजीसीए ग्राउंड क्लासेज की पढ़ाई पूरी की है। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने एयर नेविगेशन, मेटियोरोलॉजी, एयर रेगुलेशन और तकनीकी विषयों का अध्ययन किया, जो किसी भी पायलट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यह उपलब्धि उनके सपनों को वास्तविकता के और करीब ले जाने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अब एयरलाइन कैडेट प्रोग्राम है अगला लक्ष्य
हालांकि सृष्टि का अगला लक्ष्य एयरलाइन कैडेट प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करना है, जिसके बाद वह फ्लाइंग ट्रेनिंग लेकर कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उनका मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
'सपने गांव में जन्म लेते हैं, उड़ान पूरे आसमान पर होती है'
अमेरिका से आए उनके चाचा संजीव सिंह ने बताया कि सृष्टि बचपन से ही पायलट बनने का सपना देखती थीं और आज उनकी मेहनत रंग ला रही है। वहीं परिवार और गांव के लोगों को भी उनकी इस सफलता पर गर्व है। सृष्टि की उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सारण जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि सपने गांव में जन्म ले सकते हैं, लेकिन उनकी उड़ान पूरे आसमान पर होनी चाहिए।
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सफलता पर गांव और परिजनों ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर त्रिलोकचक पंचायत के मुखिया गुड़ेश्वर सिंह, अभय कुमार सिंह, प्रतिमा सिंह, संजीव सिंह, सविता सिंह और सुनील सिंह सहित कई अन्य लोगों ने सृष्टि का मुंह मीठा कर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।