{"_id":"6a547b61d901e310100179b3","slug":"three-minor-friends-left-home-to-visit-patna-reached-gaya-junction-rpf-rescued-them-today-bihar-news-gaya-news-c-1-1-noi1233-4496118-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: पटना घूमने का सपना लेकर घर से भागे तीन मासूम दोस्त, रास्ता भटककर पहुंचे स्टेशन तो आरपीएफ ने पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: पटना घूमने का सपना लेकर घर से भागे तीन मासूम दोस्त, रास्ता भटककर पहुंचे स्टेशन तो आरपीएफ ने पकड़ा
Mon, 13 Jul 2026 02:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:32 PM IST
सार
नवादा के तीन नाबालिग बच्चे बिना परिजनों को बताए पटना घूमने निकले, लेकिन रास्ता भटककर गया जंक्शन पहुंच गए। प्लेटफॉर्म पर अकेले बैठे बच्चों को RPF ने ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत सुरक्षित रेस्क्यू किया और चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया।
विज्ञापन
गयाजी जंक्शन पर आरपीएफ जवान के साथ तीन नाबालिग बच्चे
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटना घूमने का सपना लेकर घर से चुपचाप निकले नवादा के तीन नाबालिग दोस्तों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने गया जंक्शन पर सुरक्षित रेस्क्यू किया। तीनों बच्चे रास्ता भटककर स्टेशन पहुंच गए थे और प्लेटफॉर्म पर अकेले बैठे मिले। आरपीएफ की सतर्कता के चलते बच्चों को सुरक्षित संरक्षण मिला और उन्हें चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, नवादा जिले के रहने वाले 8, 10 और 12 वर्ष के तीन दोस्त बिना परिजनों को बताए घर से पटना घूमने के लिए निकल पड़े थे। रास्ते की सही जानकारी नहीं होने के कारण वे भटक गए और गया जंक्शन पहुंच गए। प्लेटफॉर्म संख्या-1बी के दिल्ली छोर पर तीनों बच्चे अकेले और घबराए हुए बैठे थे।
आरपीएफ की सतर्कता से टली अनहोनी
इसी दौरान रेलवे सुरक्षा बल की टीम ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला, उप निरीक्षक विकास कुमार और सहायक उप निरीक्षक सुधीर कुलू की नजर बच्चों पर पड़ी। पूछताछ में बच्चों ने अपना नाम-पता बताया और कहा कि वे पटना घूमने निकले थे, लेकिन रास्ता भटककर गया पहुंच गए।
विज्ञापन
भोजन-पानी उपलब्ध कराया
आरपीएफ टीम तीनों बच्चों को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट लेकर गई। वहां उन्हें बिस्कुट और पीने का पानी दिया गया ताकि वे सामान्य महसूस कर सकें। इसके बाद पूरी घटना की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्प डेस्क को दी गई।
ये भी पढ़ें- शिक्षक फैजल खान को कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत, तीन सहयोगियों और दो अंगरक्षकों को भी मिली राहत
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपे गए बच्चे
सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्प डेस्क के केस वर्कर आकाश कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया। अब उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' ने फिर निभाई अहम भूमिका
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा बल के 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' की उपयोगिता को साबित किया है। समय रहते आरपीएफ की टीम की नजर बच्चों पर पड़ गई, जिससे संभावित अनहोनी टल गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान भटके, लापता और असहाय बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिलाने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, नवादा जिले के रहने वाले 8, 10 और 12 वर्ष के तीन दोस्त बिना परिजनों को बताए घर से पटना घूमने के लिए निकल पड़े थे। रास्ते की सही जानकारी नहीं होने के कारण वे भटक गए और गया जंक्शन पहुंच गए। प्लेटफॉर्म संख्या-1बी के दिल्ली छोर पर तीनों बच्चे अकेले और घबराए हुए बैठे थे।
विज्ञापन
आरपीएफ की सतर्कता से टली अनहोनी
इसी दौरान रेलवे सुरक्षा बल की टीम ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला, उप निरीक्षक विकास कुमार और सहायक उप निरीक्षक सुधीर कुलू की नजर बच्चों पर पड़ी। पूछताछ में बच्चों ने अपना नाम-पता बताया और कहा कि वे पटना घूमने निकले थे, लेकिन रास्ता भटककर गया पहुंच गए।
विज्ञापन
भोजन-पानी उपलब्ध कराया
आरपीएफ टीम तीनों बच्चों को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट लेकर गई। वहां उन्हें बिस्कुट और पीने का पानी दिया गया ताकि वे सामान्य महसूस कर सकें। इसके बाद पूरी घटना की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्प डेस्क को दी गई।
ये भी पढ़ें- शिक्षक फैजल खान को कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत, तीन सहयोगियों और दो अंगरक्षकों को भी मिली राहत
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपे गए बच्चे
सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्प डेस्क के केस वर्कर आकाश कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया। अब उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' ने फिर निभाई अहम भूमिका
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा बल के 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' की उपयोगिता को साबित किया है। समय रहते आरपीएफ की टीम की नजर बच्चों पर पड़ गई, जिससे संभावित अनहोनी टल गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान भटके, लापता और असहाय बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिलाने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।