Bihar News: वन विभाग ने बचाए पांच मोर, ईंट-भट्ठे पर तस्करों के मंसूबे फेल, राष्ट्रीय पक्षी हुए आजाद
सहरसा जिले में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के तहत पांच मोरों को अवैध कैद से बचाया। गुप्त सूचना मिलने के बाद विभाग ने विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और भेड़दरी गांव के ईंट-भट्ठे के पास छिपाए गए मोरों को मुक्त कराया।
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सहरसा जिले में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के तहत सक्रिय भूमिका निभाते हुए पांच मोरों की जान बचाई है। गुप्त सूचना मिलने के बाद विभाग ने विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अवैध रूप से कैद किए गए इन राष्ट्रीय पक्षियों को मुक्त कराया। वन प्रमंडल पदाधिकारी भरत चिंतपल्ली को सूचना मिली कि कहरा प्रखंड के भेड़दरी गांव में कुछ अज्ञात लोगों ने मोरों को पकड़कर बांध रखा है। खबर मिलते ही विभाग ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया।
टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और वहां एक ईंट चिमनी के पास पांच मोरों को बरामद किया। बरामद पक्षियों में एक नर और चार मादा मोर शामिल थे। हालांकि, वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मोरों को किसने और किस इरादे से कैद किया था।
आरण गांव के प्राकृतिक वास में आजाद होंगे मोर
डीएफओ भरत चिंतपल्ली ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू किए गए सभी पांच मोर पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इन मोरों को आरण गांव स्थित सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वे अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से रह सकें।
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‘राष्ट्रीय पक्षी को पकड़ना गंभीर अपराध’
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है। इसका शिकार करना, पकड़ना या नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कहीं भी वन्यजीवों को प्रताड़ित या अवैध रूप से पकड़ने की सूचना मिले, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। टीम में मुख्य रूप से फायज अनवर, वनपाल रोहित कुमार, वनरक्षी धीरज कुमार, चांदनी कुमारी और मुन्ना कुमार शामिल थे। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है।