Bihar: सुपौल में धर्मांतरण का मामला आयाा सामने, नेपाल से आए 4 लोगों पर एफआईआर; गांव में धार्मिक बैठक पर हंगामा
सुपौल के वीरपुर थाना क्षेत्र में कथित धर्मांतरण गतिविधियों के आरोप पर नेपाल से आए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। ग्रामीणों ने प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया, जबकि आरोपियों ने इसे समाजसेवा और स्वैच्छिक धार्मिक प्रवचन बताया।
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जिले के बसंतपुर प्रखंड समेत भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित धर्मांतरण गतिविधियों का मामला सामने आया है। ताजा मामला वीरपुर थाना क्षेत्र की बनैलीपट्टी पंचायत के गीदरमारी वार्ड-5 का है, जहां ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने नेपाल से आए चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, सत्यसंग परमेश्वर पिता ईश्वरीय मार्गदर्शन सामाजिक संस्था से जुड़े लोगों द्वारा स्थानीय पुरुषों और महिलाओं के साथ बैठक आयोजित की जा रही थी। यह कार्यक्रम गीदरमारी निवासी किशुनदेव राम के घर पर चल रहा था, जहां करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और सभी को पूछताछ के लिए वीरपुर थाना ले गई।
नेपाल के सप्तरी से आई थी टीम
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि टीम नेपाल के सप्तरी जिले से भारत पहुंची थी। बताया गया कि वे नेपाल के भंटाबारी होते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भीमनगर पहुंचे और वहां से टेम्पो से बनैलीपट्टी की महादलित बस्ती पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, इसके बाद लोगों ने उन्हें घेर लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
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चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
ग्रामीणों की शिकायत पर वीरपुर थाना में चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में रामानंद साह तेली, मंगल देवी विश्वकर्मा, उर्मिला देवी यादव और हंसा देवी चौधरी शामिल हैं। वीरपुर थानाध्यक्ष संजय दास ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप, प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बैठकों में लोगों को बेहतर भोजन, मुफ्त शिक्षा, बेहतर जीवन और बीमारी से मुक्ति जैसे वादों के जरिए ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। उनका यह भी आरोप है कि नियमित प्रार्थना सभाओं के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाता था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
मिशनरी टीम का पक्ष
पुलिस के अनुसार, नेपाल से आए लोगों ने पूछताछ में कहा कि वे किसी प्रकार की ठगी या जबरन धर्म परिवर्तन नहीं कर रहे थे, बल्कि समाजसेवा और धार्मिक प्रवचन के उद्देश्य से आए थे। उनका कहना है कि लोग अपनी इच्छा से बैठकों में शामिल होते हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।