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Bihar News: जमुई पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास
Wed, 25 Mar 2026 09:39 AM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 09:39 AM IST
सार
Bihar News: जमुई की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल के तहत मात्र दो महीने में सुनवाई पूरी कर फैसला दिया।
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तीनों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमुई न्यायालय के पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश महेश्वर दुबे ने मंगलवार को एक चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने तीन दोषियों मोहम्मद इमरान उर्फ चांद, मोहम्मद आफताब अंसारी और मोहम्मद सद्दाम को अंतिम सांस तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह मामला एक दिसंबर 2025 का है, जब जमुई के अलीगंज बाजार से 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया।
23 दिनों तक किया गया था दुष्कर्म
24 दिसंबर 2025 को पुलिस ने कटिहार के एक बंद कमरे से नाबालिग को बरामद किया। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद गंभीर थी, जिसे देखकर सभी स्तब्ध रह गए। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसका अलीगंज से अपहरण कर कटिहार ले जाया गया, जहां उसे 23 दिनों तक एक कमरे में बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म किया गया। मुख्य आरोपी इमरान उर्फ चांद और आफताब अंसारी ने एक होटल में उसके साथ दरिंदगी की और बाद में उसे तीसरे आरोपी सद्दाम को सौंप दिया। इस दौरान पीड़िता की मां को एक फोन कॉल भी आया, जिसमें धमकी दी गई कि वह अपनी बेटी की तलाश बंद कर दे। मां ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढ़ें: बेटे के साथ घर लौट रहे किसान की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस
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दो माह में दरिंदों को मिली सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्पीडी ट्रायल का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। 17 जनवरी 2026 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और 22 जनवरी को कोर्ट ने संज्ञान लिया। इसके बाद 27 जनवरी से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें पीड़िता, उसकी मां, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 19 से 28 फरवरी के बीच दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई। इसके बाद 16 मार्च को अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और 24 मार्च 2026 को सजा सुनाई। अदालत ने बीएनएस की धारा 137(2), 96 और पोक्सो एक्ट की धारा 6 व 17 के तहत यह सजा सुनाई।
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23 दिनों तक किया गया था दुष्कर्म
24 दिसंबर 2025 को पुलिस ने कटिहार के एक बंद कमरे से नाबालिग को बरामद किया। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद गंभीर थी, जिसे देखकर सभी स्तब्ध रह गए। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसका अलीगंज से अपहरण कर कटिहार ले जाया गया, जहां उसे 23 दिनों तक एक कमरे में बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म किया गया। मुख्य आरोपी इमरान उर्फ चांद और आफताब अंसारी ने एक होटल में उसके साथ दरिंदगी की और बाद में उसे तीसरे आरोपी सद्दाम को सौंप दिया। इस दौरान पीड़िता की मां को एक फोन कॉल भी आया, जिसमें धमकी दी गई कि वह अपनी बेटी की तलाश बंद कर दे। मां ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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दो माह में दरिंदों को मिली सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्पीडी ट्रायल का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। 17 जनवरी 2026 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और 22 जनवरी को कोर्ट ने संज्ञान लिया। इसके बाद 27 जनवरी से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें पीड़िता, उसकी मां, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 19 से 28 फरवरी के बीच दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई। इसके बाद 16 मार्च को अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और 24 मार्च 2026 को सजा सुनाई। अदालत ने बीएनएस की धारा 137(2), 96 और पोक्सो एक्ट की धारा 6 व 17 के तहत यह सजा सुनाई।
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