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Bihar: 1 जनवरी को बेगूसराय में उमड़ेगा जनसैलाब, जयमंगलागढ़ गर्भगृह और काबर झील नौका विहार बंद, जानें कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 08:58 AM IST
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सार
नौलखा मंदिर, जयमंगला गढ़, सिमरियाधाम रिवर फ्रंट, काबर झील, नौला गढ़ और उजान बाबा स्थान श्रद्धालुओं व पर्यटकों से गुलजार रहेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। नववर्ष के पहले दिन जयमंगला गढ़ का गर्भगृह बंद रहेगा और श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।
नए साल पर बेगूसराय के पिकनिक स्पॉट और मंदिरों में उमड़ेगी भीड़,
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूरी दुनिया नए साल 2026 का स्वागत कर रही है। नए साल के मौके पर बेगूसराय जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों और पिकनिक स्पॉट्स पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है, वहीं शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
नववर्ष के अवसर पर बेगूसराय के नौलखा मंदिर, सिमरियाधाम रिवर फ्रंट, काबर झील, जयमंगला गढ़ मंदिर, नौला गढ़ और बखरी स्थित उजान बाबा स्थान पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं और सैलानियों की भीड़ लगी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे नौलखा मंदिर या जयमंगला गढ़ में पूजा-अर्चना के लिए जाना चाहते हैं तो सुबह दस बजे से पहले पहुंचें, क्योंकि इसके बाद दिनभर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
मंझौल स्थित सिद्धपीठ जयमंगला गढ़ में नववर्ष के पहले दिन माता का गर्भगृह बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन ने यह फैसला भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लिया है। इस दिन आने वाले श्रद्धालु गर्भगृह के द्वार से ही माता के दर्शन और पूजा कर सकेंगे।
वहीं, काबर झील पक्षी विहार में नववर्ष के मौके पर नौका विहार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद नए साल पर जयमंगला गढ़ में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर अनुमंडल प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर दी है। मंझौल–गढ़पुरा पथ पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। जयमंगला गढ़ परिसर में चलंत शौचालय समेत साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
पढ़ें: दरभंगा को जल्द मिलेगी औद्योगिक सौगात, अशोक पेपर मिल की 400 एकड़ जमीन पर लगेगा बड़ा उद्योग; संजय सरावगी
इस साल भी गर्भगृह का द्वार रहेगा बंद
बताया जा रहा है कि हाल ही में माता जयमंगला मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, जिसके बाद श्रद्धालुओं और काबर झील में आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी एक जनवरी को माता का गर्भगृह बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक भीड़ के कारण किसी तरह की अफरा-तफरी न हो। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से ही माता का दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
माता के आशीर्वाद से होती है साल की शुरुआत
बेगूसराय जिले के साथ-साथ मिथिला और बिहार के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग नववर्ष के पहले दिन माता जयमंगला के दर्शन के लिए जयमंगला गढ़ पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर पूरे साल सुख-शांति की कामना करते हैं। इसके बाद लोग काबर झील का दीदार करने पहुंचते हैं। कई पिकनिक ग्रुप काबर के जंगल क्षेत्र में वनभोज का आनंद भी लेते हैं। वॉच टावर का इलाका वनभोज के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है।
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नववर्ष के अवसर पर बेगूसराय के नौलखा मंदिर, सिमरियाधाम रिवर फ्रंट, काबर झील, जयमंगला गढ़ मंदिर, नौला गढ़ और बखरी स्थित उजान बाबा स्थान पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं और सैलानियों की भीड़ लगी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे नौलखा मंदिर या जयमंगला गढ़ में पूजा-अर्चना के लिए जाना चाहते हैं तो सुबह दस बजे से पहले पहुंचें, क्योंकि इसके बाद दिनभर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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मंझौल स्थित सिद्धपीठ जयमंगला गढ़ में नववर्ष के पहले दिन माता का गर्भगृह बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन ने यह फैसला भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लिया है। इस दिन आने वाले श्रद्धालु गर्भगृह के द्वार से ही माता के दर्शन और पूजा कर सकेंगे।
वहीं, काबर झील पक्षी विहार में नववर्ष के मौके पर नौका विहार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद नए साल पर जयमंगला गढ़ में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर अनुमंडल प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर दी है। मंझौल–गढ़पुरा पथ पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। जयमंगला गढ़ परिसर में चलंत शौचालय समेत साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
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इस साल भी गर्भगृह का द्वार रहेगा बंद
बताया जा रहा है कि हाल ही में माता जयमंगला मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, जिसके बाद श्रद्धालुओं और काबर झील में आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी एक जनवरी को माता का गर्भगृह बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक भीड़ के कारण किसी तरह की अफरा-तफरी न हो। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से ही माता का दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
माता के आशीर्वाद से होती है साल की शुरुआत
बेगूसराय जिले के साथ-साथ मिथिला और बिहार के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग नववर्ष के पहले दिन माता जयमंगला के दर्शन के लिए जयमंगला गढ़ पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर पूरे साल सुख-शांति की कामना करते हैं। इसके बाद लोग काबर झील का दीदार करने पहुंचते हैं। कई पिकनिक ग्रुप काबर के जंगल क्षेत्र में वनभोज का आनंद भी लेते हैं। वॉच टावर का इलाका वनभोज के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है।
