Bihar Temple Stampede: अशोक धाम में भगदड़ कैसे मची? बिजली के खंभे से करंट की बात कितनी सही? जानें, हर जवाब
: बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम के पास सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनें आने के बाद अफरा-तफरी मची। इसी दौरान बांस की बैरिकेडिंग टूटने और बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।
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बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम के पास सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनों के पहुंचने के बाद अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं के भागने से रास्ते में लगी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का एक पोल भी गिर गया। पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं में दहशत पैदा हो गई। भगदड़ में कई महिलाएं भीड़ के दबाव में दब गईं। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं हुई, बल्कि भगदड़ के दौरान भीड़ में दबने से हुई है। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने बताया कि हादसे के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और बिजली के तार भी कवर किए गए थे।
पहले ट्रेन आईं, फिर गिरा पोल और फैल गई करंट की अफवाह
प्रशासन के अनुसार, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर एक ही समय में दोनों दिशाओं से ट्रेनें पहुंचीं। ट्रेनों को देखकर कुछ युवकों ने अचानक दौड़ना शुरू कर दिया। इसी दौरान रास्ते में लगी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का एक पोल भी गिर गया। पोल गिरते ही श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट फैल गया है। देखते ही देखते अफवाह तेजी से फैल गई और लोगों में दहशत पैदा हो गई। प्रशासन का कहना है कि घटना के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और तार कवर किया हुआ था। इसके बावजूद श्रद्धालु सुरक्षित निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
करंट से मौत की सूचना निकली गलत
हादसे के तुरंत बाद यह सूचना सामने आई कि 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इससे मौके पर मौजूद लोगों में और अधिक भय फैल गया। हालांकि, बाद में जिला प्रशासन ने प्रेस वार्ता कर मौतों की वजह स्पष्ट की। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु की मौत करंट लगने से नहीं हुई है। प्रशासन के अनुसार, भगदड़ के दौरान भीड़ में दबने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई है।
एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए श्रद्धालु
अचानक भगदड़ मचने के कारण श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। भीड़ का दबाव बढ़ने से कई लोग जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर दूसरे श्रद्धालु गिरते चले गए। इसी दौरान कई महिलाएं भीड़ के बीच बुरी तरह दब गईं। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सात मृतकों में चार की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाली सात महिला श्रद्धालुओं में से चार की पहचान हो चुकी है। मृतकों में हलसी की हेमलता देवी (55), ललिता देवी, मुंगेर की रिंकू देवी (50) और बड़हिया की मनमाला देवी (44) शामिल हैं। अन्य चार मृत महिलाओं की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क करने की कार्रवाई की जा रही है।
हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनों के आने, बिजली का पोल गिरने, करंट की अफवाह फैलने और इसके बाद हुई भगदड़ समेत पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी।
इसके अलावा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था, मौके पर सुरक्षा बलों की तैनाती और घटना के समय प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद हादसे की पूरी परिस्थितियां और संभावित चूक सामने आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख
अशोकधाम हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गहरा दुख जताया। उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। श्रद्धालुओं की मौत की खबर पर उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाने की बात कही। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कुछ ही मिनट में मातम में बदला माहौल
अशोकधाम में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान दोनों दिशाओं से ट्रेनों के आने, कुछ युवकों के भागने, बिजली का पोल गिरने और उसके बाद करंट की अफवाह फैलने से अचानक माहौल बदल गया।
कुछ ही मिनटों में श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। भगदड़ में कई लोग घायल हुए और सात महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई। हादसे के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की उच्चस्तरीय जांच पर है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और भीड़ नियंत्रण के दौरान कहां चूक हुई।