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Bihar News: जमुई में हर्षोल्लास के साथ हुआ नववर्ष 2026 का स्वागत, पिकनिक स्पॉट से लेकर मंदिरों तक उमड़ी भीड़

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Thu, 01 Jan 2026 07:42 PM IST
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सार

नववर्ष 2026 के मौके पर जमुई जिले में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला। आतिशबाजी, पिकनिक स्थलों पर भीड़ और धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने पूरे उत्साह से नए साल का स्वागत किया।

Bihar news: jamui new year 2026 celebration picnic spot temple crowd in jamui news
जमुई में नव वर्ष को लेकर लोगों में उत्साह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जमुई जिले भर में नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे हर्षोल्लास के साथ किया गया। बुधवार देर रात जैसे ही घड़ी की दोनों सुइयां बारह पर आकर रुकीं, शहर और ग्रामीण इलाकों में “हैप्पी न्यू ईयर” के नारों के बीच आतिशबाजी शुरू हो गई। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और बीते साल को अलविदा कहते हुए नए साल का जोश के साथ स्वागत किया गया। नववर्ष के मौके पर सोशल मीडिया भी शुभकामनाओं से गुलजार रहा। व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम के माध्यम से बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई देते नजर आए। रात 12 बजे के बाद मोबाइल फोन की घंटियां लगातार बजती रहीं और लोग अपने सगे-संबंधियों व मित्रों को फोन कर नए साल की शुभकामनाएं देते रहे।

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अन्य जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे
गुरुवार की सुबह से ही जिले के विभिन्न पिकनिक स्पॉट पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। हालांकि घने कोहरे और तेज पछुआ हवा के कारण लोग 11 बजे के बाद ही बड़ी संख्या में पिकनिक स्थलों पर पहुंच सके। इसके बावजूद बढ़ती ठंड भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। जमुई-मुंगेर सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमबांध में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां प्राकृतिक गर्म जलकुंड और गर्म पानी की नदी में स्नान कर सैलानियों ने ठंड के मौसम का भरपूर आनंद उठाया। जमुई के अलावा मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा सहित अन्य जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।

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 मनचलों पर पुलिस की पैनी नजर
इसके अलावा जिले के झाझा प्रखंड का नागी-नकटी डैम, बरहट प्रखंड का कुकुरझप डैम, खैरा प्रखंड का गरही डैम तथा अलीगंज प्रखंड का कैलास डैम भी पिकनिक मनाने वालों से गुलजार रहा। लोग सुबह से ही भोजन सामग्री लेकर परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे और वनभोज का आनंद लिया। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी वर्ग के लोग इन रमणीक स्थलों पर उत्साहित नजर आए। नववर्ष के पहले दिन पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिले के सभी प्रमुख पिकनिक स्पॉट पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस मनचलों पर पैनी नजर बनाए हुए थी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस कारण लोग बेफिक्र होकर पिकनिक का आनंद लेते दिखे।


सेल्फी लेकर पलों को यादगार बनाया
पिकनिक स्थलों पर पहुंचे लोगों ने प्राकृतिक नजारों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया और सेल्फी लेकर इन पलों को यादगार बनाया। हर ओर खुशी और उल्लास का माहौल देखने को मिला। वहीं नववर्ष के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाबा पतनेश्वर धाम, धनेश्वर धाम, गिद्धेश्वर धाम, नेतुला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नए साल में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कुल मिलाकर जमुई जिले में नववर्ष 2026 का आगाज उत्साह, आनंद और उल्लास के साथ हुआ, जो लोगों के चेहरों पर साफ झलकता रहा।

भीमबांध अपने गर्म पानी के कुंड के लिए चर्चित
भीमबांध जमुई-मुंगेर की सीमा पर स्थित है और अपने प्राकृतिक गर्म जलकुंड, गर्म पानी की नदी और महाभारत कालीन पौराणिक जुड़ाव के लिए प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। भीमबांध अपने गर्म पानी के कुंड के लिए जाना जाता है। भीमबांध का जंगली इलाका करीब 682 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यदि आप घने जंगल, पहाड़ियां और शांत वातावरण में परिवार के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते हैं। इस कुंड का तापमान सालभर 52 डिग्री सेल्सियस से 65 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां गर्म पानी की नदी भी बहती है, जिसके किनारे बैठकर आप वनभोज का आनंद उठा सकते हैं।

सर्दी के मौसम में आप गर्म पानी में स्नान कर सकते हैं और खूब आनंद उठा सकते हैं। भीमबांध का संबंध महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता है। जानकारों के अनुसार पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय इसी क्षेत्र में बिताया था। मान्यता है कि भीम ने यहां एक बांध का निर्माण किया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम भीमबांध पड़ा। इस पौराणिक जुड़ाव के कारण यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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कैलाश डैम  पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा
जमुई-नवादा-शेखपुरा जिले की सीमा पर स्थित जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड के मानपुर व भलुआना मौजे में स्थित कैलाश डैम केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर उभरता हुआ एक ऐसा अनमोल रत्न है, जिसे इसकी बेपनाह खूबसूरती के कारण बिहार का मेघालय कहा जाता है। पहाड़ियों व जंगलों की गोद में बसा यह स्थल प्रकृति प्रेमियों, शांति की तलाश करने वालों और रोमांच के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अलीगंज के दक्षिणी भाग में स्थित यह स्थल प्रकृति का अनूठा संगम है। छोटी-छोटी पहाड़ियों और जंगलों से घिरा यह डैम सुबह और शाम के वक्त अद्भुत छटा बिखेरता है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

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