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Bihar News: फिरौती के लिए अपहरण का खुलासा, मद्य निषेध विभाग के सिपाही बने साजिशकर्ता; एक गिरफ्तार, तीन फरार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 09:12 PM IST
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सार
Munger News: मुंगेर में फिरौती के लिए दो युवकों के अपहरण का खुलासा हुआ है, जिसमें मद्य निषेध विभाग के सिपाही की भूमिका सामने आई। एक सिपाही गिरफ्तार हुआ है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं और मामले की जांच जारी है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सिपाही विकास कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुंगेर जिले में फिरौती के लिए किए गए अपहरण के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें मद्य निषेध विभाग के सिपाही की संलिप्तता सामने आई है। इस प्रकरण ने पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है और शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
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अपहरण की वारदात और पीड़ितों का बयान
जानकारी के मुताबिक, मामला 5 फरवरी का है, जब ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के नयागांव केशोपुर निवासी अभिषेक कुमार अपने 15 वर्षीय भतीजे सत्यम कुमार के साथ आरपीएफ मैदान में टहल रहे थे। इसी दौरान चार अज्ञात लोगों ने जाति सूचक गाली देते हुए दोनों का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने उन्हें दो बाइकों पर बैठाकर जंगल में ले जाकर बेरहमी से पिटाई की।
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फिरौती की मांग और धमकी
अपहरण के बाद आरोपियों ने अभिषेक के मोबाइल से परिजनों को फोन कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। धमकी दी गई कि पैसे नहीं देने पर दोनों को जान से मार दिया जाएगा। परिजनों से यह भी कहा गया कि युवक शराब के साथ पकड़े गए हैं और रकम देने पर ही छोड़ा जाएगा।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और ईस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष वीरभद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें मद्य निषेध विभाग की गाड़ी, एक अपाचे और एक स्प्लेंडर बाइक के साथ कुल सात लोग संदिग्ध अवस्था में नजर आए।
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सिपाही ने कबूला अपराध
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मद्य निषेध विभाग की टीम शराब के खिलाफ छापामारी के बाद लौट गई थी, लेकिन सिपाही विकास कुमार और एमटीएस नीरज कुमार वहीं रुक गए। सख्ती से पूछताछ करने पर सिपाही विकास कुमार ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने एमटीएस नीरज कुमार और दो निजी लोगों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी। परिजनों से 16 हजार रुपये मिलने के बाद दोनों पीड़ितों को घटवारी जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
पुलिस ने सिपाही विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एमटीएस नीरज कुमार और दो निजी सहयोगी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है।