Bihar: कोलकाता गोदाम हादसे ने उजाड़ दिए कई परिवार, दो भाइयों समेत तीन युवकों की मौत से मुंगेर के गांव में मातम
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन चार मंजिला चाय गोदाम ढहने से मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड के मिर्जाचक लगमा गांव के तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में घी कुमार उर्फ प्रेम, मन्नू कुमार और श्रीचन कुमार शामिल हैं।
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन चार मंजिला चाय गोदाम ढहने की घटना ने मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड के मिर्जाचक लगमा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में गांव के तीन युवकों घी कुमार उर्फ प्रेम, मन्नू कुमार और श्रीचन कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
दो भाइयों की एक साथ उठी अर्थी
शनिवार को घी कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं रविवार को मन्नू कुमार और उनके चचेरे भाई श्रीचन कुमार के शव गांव पहुंचे। दोनों के शव पहुंचते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई। जब दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा गांव गम में डूब गया और हर आंख नम हो गई।
मलबे में दब गए थे सात मजदूर
हादसे में घायल माणिकचंद ने बताया कि निर्माणाधीन गोदाम में मुंगेर के सात मजदूर काम कर रहे थे। अचानक लोहे के सरियों और टीन का भारी ढांचा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे सभी मजदूर मलबे में दब गए। उन्होंने कहा कि उनकी आंखों के सामने दो भाइयों और एक चचेरे भाई की जान चली गई।
परिवार का सहारा छिन गया
घायल राजेंद्र राम ने रोते हुए बताया कि परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बेटे कोलकाता मजदूरी करने गए थे, लेकिन अब वे कभी वापस नहीं लौटेंगे। वहीं श्रीचन कुमार के पिता पप्पू राम ने बताया कि उनका बेटा अपनी बहन की शादी के लिए पैसे जमा कर रहा था, लेकिन इस हादसे ने परिवार के सभी सपनों को एक पल में तोड़ दिया।
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गांव में नहीं जला चूल्हा, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
हादसे के बाद मृतकों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला। पूरे गांव में शोक का माहौल है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और नम आंखों से तीनों युवकों को अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, घायलों का बेहतर इलाज कराने और पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।