शेखपुरा में दोहरी त्रासदी: बेटे की मौत का सदमा नहीं सह सकीं मां, एक साथ उठीं दो अर्थियां; लोगों की आंखें नम
शेखपुरा के नीमी गांव में किडनी रोग से पीड़ित 45 वर्षीय सुनील ठाकुर की मौत के बाद सदमे में उनकी 70 वर्षीय मां ने भी दम तोड़ दिया। एक ही घर से दो अर्थियां उठने पर गांव में मातम छा गया।
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बिहार के शेखपुरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। शेखोपुरसराय नगर पंचायत के अंतर्गत नीमी गांव में मां और बेटे की एक ही दिन मौत हो गई। एक ही घर से दो अर्थियों का उठने का दृश्य देख, गांव की गलियां सिसकियों से भर उठीं।
ग्रामीणों के अनुसार, नीमी गांव निवासी 45 वर्षीय सुनील ठाकुर लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार उम्मीद बनाए हुए था। बुधवार की शाम अचानक घर पर उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
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बेटे की मौत की खबर जैसे ही उनकी लगभग 70 वर्षीय वृद्ध मां को मिली, वे गहरे सदमे में चली गईं। रोते-रोते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन संभाल पाते, उससे पहले ही उन्हें हृदयाघात हुआ और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर एक ही परिवार पर दोहरी त्रासदी टूट पड़ी। घर का खुशहाल आंगन देखते ही देखते मातम में बदल गया। एक साथ दो शवों को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीण भी इस मंजर से स्तब्ध रह गए।
बताया जाता है कि सुनील ठाकुर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से 15 और 17 वर्ष के दो किशोर बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं दादी का स्नेह भी उनसे छिन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से शोकाकुल परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष सहयोग देने की मांग की है। गांव में फिलहाल गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।