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Bihar: ऑनलाइन पढ़ाई से टॉप-2 तक, दूध बेचने वाले की बेटी ने 79 अंक के साथ दूसरा स्थान पाकर रचा इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Mon, 23 Mar 2026 05:00 PM IST
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सार
सीतामढ़ी के मेजरगंज की साक्षी कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 479 अंक (95.80%) हासिल कर पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया। साधारण
सीतामढ़ी के मेजरगंज की साक्षी कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणामों में सीतामढ़ी के मेजरगंज की बेटी साक्षी कुमारी ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। साक्षी ने पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान (State 2nd Rank) प्राप्त कर जिले के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
शानदार अंक और बड़ी उपलब्धि
साक्षी ने कुल 479 अंक (95.80%) हासिल किए हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित साधनों में भी बड़ी सफलता पाई जा सकती है। जैसे ही रिजल्ट की घोषणा हुई, मेजरगंज स्थित उनके घर पर खुशी का माहौल बन गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
साधारण परिवार से आई बड़ी सफलता
साक्षी की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता दिनेश कुमार सुधा दूध के विक्रेता हैं और अपनी मेहनत से परिवार चलाते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी साक्षी ने कभी भी पैसों की कमी को अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। उनकी माता, जो एक गृहिणी हैं, ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पिता दिनेश कुमार भावुक होकर बताते हैं कि साक्षी बचपन से ही होनहार थी और उसका पूरा ध्यान पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर रहता था। आज उसकी इस सफलता ने पूरे परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
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ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी से सफलता
इस सफलता के पीछे साक्षी की नई सोच और लगातार मेहनत का बड़ा योगदान है। उन्होंने बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों में जाने के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। मेजरगंज हाई स्कूल की छात्रा साक्षी ने इंटरनेट का सही उपयोग करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कठिन विषयों की तैयारी की। साक्षी रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादा हो, तो घर बैठे भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। आज साक्षी की इस सफलता ने सीतामढ़ी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।
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शानदार अंक और बड़ी उपलब्धि
साक्षी ने कुल 479 अंक (95.80%) हासिल किए हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित साधनों में भी बड़ी सफलता पाई जा सकती है। जैसे ही रिजल्ट की घोषणा हुई, मेजरगंज स्थित उनके घर पर खुशी का माहौल बन गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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साधारण परिवार से आई बड़ी सफलता
साक्षी की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता दिनेश कुमार सुधा दूध के विक्रेता हैं और अपनी मेहनत से परिवार चलाते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी साक्षी ने कभी भी पैसों की कमी को अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। उनकी माता, जो एक गृहिणी हैं, ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पिता दिनेश कुमार भावुक होकर बताते हैं कि साक्षी बचपन से ही होनहार थी और उसका पूरा ध्यान पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर रहता था। आज उसकी इस सफलता ने पूरे परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
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ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी से सफलता
इस सफलता के पीछे साक्षी की नई सोच और लगातार मेहनत का बड़ा योगदान है। उन्होंने बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों में जाने के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई और सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। मेजरगंज हाई स्कूल की छात्रा साक्षी ने इंटरनेट का सही उपयोग करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कठिन विषयों की तैयारी की। साक्षी रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादा हो, तो घर बैठे भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। आज साक्षी की इस सफलता ने सीतामढ़ी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।