NEET : सिनेमा हॉल ऑपरेटर के बेटे का रसूख जान चौंक जाएंगे आप; नीट पेपर लीक में आया राजद नेता का नाम
पूर्वी चंपारण के राजद नेता संतोष जायसवाल का नाम NEET पेपर लीक मामले में सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद उसके राजनीतिक रसूख, नेटवर्क और तेजी से बढ़ी संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
पूर्वी चंपारण के राजद नेता संतोष जायसवाल का नाम NEET पेपर लीक मामले में सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद उसके राजनीतिक रसूख, नेटवर्क और तेजी से बढ़ी संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन प्रखंड स्थित लैन गांव निवासी संतोष जायसवाल अब देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक कांड को लेकर सुर्खियों में है। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद इलाके में उसके नाम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कभी साधारण परिवार से निकलकर राजनीति और आर्थिक प्रभाव के दम पर तेजी से उभरने वाले संतोष जायसवाल को अब लोग कथित “पेपर लीक सिंडिकेट” का बड़ा चेहरा बता रहे हैं।
संतोष जायसवाल राजद में राष्ट्रीय सचिव पद पर रह चुका है और राजनीतिक गलियारों में उसकी गहरी पकड़ मानी जाती रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके पिता गोपाल प्रसाद जायसवाल कभी सिनेमा हॉल में ऑपरेटर का काम करते थे। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में परिवार की आर्थिक स्थिति और राजनीतिक प्रभाव में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में होती रही।
ग्रामीणों का कहना है कि संतोष जायसवाल का नाम लंबे समय से विवादों और संदिग्ध गतिविधियों से जोड़ा जाता रहा है। दबी जुबान में लोग यह भी कहते रहे हैं कि वह “सेटिंग और नेटवर्क” के खेल में काफी सक्रिय माना जाता था। कुछ स्थानीय चर्चाओं में उसका नाम बिहार के चर्चित रंजीत डॉन से भी जोड़ा जाता रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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राजनीति में सक्रिय होने के बाद संतोष की पहुंच कई बड़े नेताओं तक बताई जाती रही। उसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता रहा है। पार्टी बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों में उसकी सक्रिय भूमिका की चर्चा राजद कार्यकर्ताओं के बीच अक्सर होती थी। पिछले विधानसभा चुनाव में उसने रक्सौल सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन गठबंधन के तहत सीट कांग्रेस के खाते में जाने के कारण वह मैदान में नहीं उतर सका।
संतोष जायसवाल के परिवार की पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। उसके दो भाई MBBS डॉक्टर बताए जाते हैं, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अस्पताल संचालित करते हैं। वहीं उसका भाई डॉ. राजन जायसवाल पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी से ढाका विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। बाद में वह भी राजद में शामिल हो गया था।
अब NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी के बाद पूर्वी चंपारण से लेकर बिहार की राजनीति तक संतोष जायसवाल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इलाके में लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक साधारण परिवार से निकला युवक इतने कम समय में सत्ता, पैसा और प्रभाव के केंद्र तक कैसे पहुंच गया।