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NEET-UG Scam: 30 आरोपी EOU की रिमांड पर, बिहार से बाहर तक फैले नेटवर्क की होगी पड़ताल
Thu, 09 Jul 2026 02:57 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 02:57 PM IST
सार
लखीसराय में सामने आए NEET-UG 2026 परीक्षा फर्जीवाड़े की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने मंडल कारा में बंद सभी 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लिया है। पटना में अलग-अलग पूछताछ के जरिए पूरे गिरोह, मास्टरमाइंड, आर्थिक लेन-देन और दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा करने की तैयारी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच तेज करते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने लखीसराय मंडल कारा में बंद सभी 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान सभी आरोपियों को पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई मुख्यालय ले जाकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का खुलासा होगा।
कोर्ट की मंजूरी के बाद तेज हुई जांच
लखीसराय जिले के किउल और कवैया थाना में दर्ज तीन मामलों में न्यायालय से रिमांड की अनुमति मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई तेज हो गई। दो मामलों में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को रिमांड की मंजूरी दी, जबकि एक अन्य मामले में पहले ही अनुमति मिल चुकी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी की गई।
हर आरोपी से होगी अलग-अलग पूछताछ
आर्थिक अपराध इकाई की टीम सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे, ताकि उनके बयानों का मिलान कर गिरोह की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि फर्जीवाड़े की साजिश किसने रची, किसकी क्या भूमिका रही और पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
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तीन परीक्षा केंद्रों से जुड़ा है पूरा मामला
21 जून 2026 को लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्र- केंद्रीय विद्यालय खगौर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हसनपुर और केएसएस आदर्श हाई स्कूल में आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने जांच अपने हाथ में लेकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।
दूसरे राज्यों तक जुड़ सकते हैं नेटवर्क के तार
आर्थिक अपराध इकाई को आशंका है कि परीक्षा फर्जीवाड़े का नेटवर्क केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है। इसके तार बिहार के कई अन्य जिलों के अलावा दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब आर्थिक लेन-देन, संपर्क सूत्रों, डिजिटल साक्ष्यों और गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
यह भी पढ़ें: 'लड़ाई में नहीं प्रशांत किशोर, दुकान चलाने के लिए बांकीपुर में उतरे'- चौधरी के तीखे बोल
पूछताछ से बड़े खुलासों की उम्मीद
लखीसराय की पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने भी सभी 30 आरोपियों को रिमांड पर लिए जाने की पुष्टि की है। अब सबकी नजर आर्थिक अपराध इकाई की पूछताछ पर टिकी है। माना जा रहा है कि 72 घंटे की रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे नीट यूजी 2026 फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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कोर्ट की मंजूरी के बाद तेज हुई जांच
लखीसराय जिले के किउल और कवैया थाना में दर्ज तीन मामलों में न्यायालय से रिमांड की अनुमति मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई तेज हो गई। दो मामलों में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को रिमांड की मंजूरी दी, जबकि एक अन्य मामले में पहले ही अनुमति मिल चुकी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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हर आरोपी से होगी अलग-अलग पूछताछ
आर्थिक अपराध इकाई की टीम सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे, ताकि उनके बयानों का मिलान कर गिरोह की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि फर्जीवाड़े की साजिश किसने रची, किसकी क्या भूमिका रही और पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
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तीन परीक्षा केंद्रों से जुड़ा है पूरा मामला
21 जून 2026 को लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्र- केंद्रीय विद्यालय खगौर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हसनपुर और केएसएस आदर्श हाई स्कूल में आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने जांच अपने हाथ में लेकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।
दूसरे राज्यों तक जुड़ सकते हैं नेटवर्क के तार
आर्थिक अपराध इकाई को आशंका है कि परीक्षा फर्जीवाड़े का नेटवर्क केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है। इसके तार बिहार के कई अन्य जिलों के अलावा दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब आर्थिक लेन-देन, संपर्क सूत्रों, डिजिटल साक्ष्यों और गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
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पूछताछ से बड़े खुलासों की उम्मीद
लखीसराय की पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने भी सभी 30 आरोपियों को रिमांड पर लिए जाने की पुष्टि की है। अब सबकी नजर आर्थिक अपराध इकाई की पूछताछ पर टिकी है। माना जा रहा है कि 72 घंटे की रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे नीट यूजी 2026 फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।