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Bihar Cabinet: 19 मंत्रियों के विभाग बांटेंगे सम्राट चौधरी; 15 मंत्रियों का तय कौन करेगा? जानिए, आगे क्या होगा

Kumar Jitendra Jyoti Kumar Jitendra Jyoti
Updated Thu, 07 May 2026 02:08 PM IST
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सार

Bihar Cabinet : बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। अब आगे सिर्फ विभागों का बंटवारा बचा है। इसका गणित भी तय है। कुछ आगे-पीछे करने का प्रयास चल रहा है, हालांकि इसकी उम्मीद दिख नहीं रही। अब शाम-रात तक अधिसूचना का इंतजार है।

bihar cabinet minister department allocation after bihar cabinet expansion samrat choudhary bihar news
सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही विभागों का स्वरूप तय हो गया था। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार

बिहार में आज मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। अब आगे अप्रत्याशित न हो तो कोई नया शपथ ग्रहण नहीं होगा। आज के शपथ ग्रहण के बाद अब शाम-रात तक विभागों के बंटवारे की अधिसूचना जारी हो जाएगी। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाईटेड के विधायकों की संख्या आसपास है, लेकिन इस बार मंत्रियों की संख्या भाजपा ने जदयू से ज्यादा कर ली है। मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 16 मंत्री हैं, जबकि जदयू की संख्या दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित 15 हो गई है। विधायकों की गिनती के हिसाब से चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का दावा तीन मंत्री पद पर था, लेकिन उसे दो ही मंत्रियों से संतोष कराया गया है। हम-से और रालोमो के एक-एक मंत्री पहले की तरह बने हैं। जहां तक इनके बीच विभागों के बंटवारे का सवाल है तो जदयू कोटे के दोनों उप मुख्यमंत्रियों के पास मिले 18 विभाग इस पार्टी के नए मंत्रियों के बीच अब बंट जाएंगे। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार यह फैसला करेंगे। सीएम सम्राट चौधरी अब अपने पास के 29 विभागों में से भाजपा के 15 व अन्य दलों के चार मंत्रियों के बीच बांटेंगे।

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पावर सेंटर को लेकर गतिरोध का आज समाधान
केंद्र में मंत्रालय होते हैं और राज्य में विभाग। विभागों में प्रशासनिक दृष्टि से बिहार के अंदर सामान्य प्रशासन और गृह सबसे खास है। सामान्य प्रशासन विभाग भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों सहित बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सेवा से चलता है। इसी तरह गृह विभाग भारतीय पुलिस सेवा और बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों को सीधे नियंत्रित करता है। मतलब, प्रशासनिक नियंत्रण और पुलिसिया नियंत्रण को ही सरकार चलाने के हिसाब से बड़ा माना जाता है। नीतीश कुमार से पहले गृह विभाग लेने का ही प्रयास चल रहा था, जिसमें सम्राट चौधरी सफल रहे थे। बाद में सम्राट चौधरी सीएम बने। अब गृह विभाग सीएम के पास नहीं रखकर किसी और, खासकर विजय कुमार सिन्हा को देने की बात पर जिच है। आज पावर सेंटर को लेकर इस गतिरोध के समाधान की भी संभावना है। 
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मुख्यमंत्री के पास गृह समेत 29 विभाग हैं, आज निकलेंगे
15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी के पास सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रावैद्यिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण एवं पंचायती राज विभाग विभाग हैं। सीएम के पास सामान्य प्रशासन सहित वह विभाग जरूर रह जाते हैं, जो दूसरे मंत्रियों के बीच नहीं बंटे हों। आज सबसे बड़ा सवाल गृह विभाग को लेकर है। मंत्रिमंडल सचिवालय भी सम्राट के पास रह सकता है। बाकी विभागों को भाजपा, लोजपा-आर, हम-से, रालोमा के मंत्रियों के बीच बंटना है। भाजपा ने 15 मंत्री बनाए हैं। बाकी तीनों दलों ने अपनी पुरानी संख्या पर पुराने चेहरों को ही लाया है। भाजपा में बड़ा उलटफेर मंगल पांडेय के हटने से हुआ है। कई मंत्रियों के विभाग पहले वाले रहेंगे। नए मंत्रियों के अलावा कुछ पुराने मंत्रियों के विभाग भी बदले जाने की तैयारी है।

जनता दल यूनाइटेड के खाते के 18 विभाग अपने मंत्रियों में बंटेंगे
जनता दल यूनाइटेड के खाते में 15 अप्रैल को बनी नई सरकार के बाद 18 विभाग आए थे। जदयू निशांत कुमार के लिए भाजपा से महत्वपूर्ण विभाग लेने का प्रयास कर रहा है। प्रयास कितना सफल रहता है, यह शाम से लेकर रात तक सामने आ सकता है। फिलहाल, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पास जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-संपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा विभाग है। वहीं उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पास ग्रामीण विकास, परिवहन, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य विभाग है। अगर भाजपा निशांत के लिए कुछ बड़ा नहीं देती है तो बिजेंद्र प्रसाद यादव के हिस्से से बड़ा विभाग निशांत को दिया जा सकता है। अनुभव को देखते हुए बिजेंद्र यादव के पास ऊर्जा और वित्त रह सकता है। बाकी, हिसाब यही है कि जदयू को मिले 18 विभाग आज विस्तार के बाद उसके नए 13 मंत्रियों में बंट जाएंगे। दोनों उप मुख्यमंत्रियों के अलावा श्रवण कुमार और निशांत कुमार पर फोकस है। विभाग बंटवारे की रूपरेखा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के साथ हुई बैठक में तय हो चुकी है। 

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