Nitish Kumar : राज्यसभा प्रत्याशी नीतीश कुमार नहीं पहुंचे बिहार विधानसभा; फिर कहां गए, वह भी जान लीजिए
Rajya Sabha Election 2026 : नीतीश कुमार बिहार से राज्यसभा प्रत्याशी हैं। केंद्र के मंत्री तक बिहार विधानसभा में निर्वाचन देखने पहुंचे, लेकिन सीएम नीतीश कुमार दूसरी तरफ निकल गए। वैसे, उन्हें इस चुनाव में वोट भी नहीं देना है।
विस्तार
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के विधानसभा पहुंचने के बाद सियासी गलियारे में यह चर्चा थी कि सीएम नीतीश कुमार आज विधानसभा एनडीए के नेताओं से औपचारिक मुलाकात के लिए जाएंगे लेकिन वह यहां नहीं पहुंचे। वह सोमवार दोपहर पटना समाहरणालय भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पटना समाहरणालय के विकासात्मक कार्यों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री ने समाहरणालय भवन के पांचवे तले पर मीटिंग हॉल, उप विकास आयुक्त जिला परिषद कार्यालय, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कार्यालय का मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने समाहरणालय के सभी तल का भी मुआयना किया।
Rajya Sabha Election LIVE: बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटें एनडीए के खाते में, परिणाम की घोषणा बाकी
मुख्यमंत्री ने पटना के कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक बनायी जानेवाली सड़क निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। इस सड़क के बन जाने से छठ वर्तियों को पूजा में सहूलियत होगी, मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को भी इससे सुविधा मिलेगी साथ ही घाट की भव्यता और बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने समाहरणालय परिसर में बनने वाले वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने डबल डेकर पुल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने बाकी बचे हुये कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से समन्वय स्थापित कर इसको जल्द से जल्द पूरा करें। इन कार्यों के पूर्ण होने से मेट्रो से कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी। सोमवार शाम को सीएम नीतीश कुमार चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी में पहुंचे।
Nitish Kumar : सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जा रहे आज; जब सांसद रहते MLA बने थे तो क्या किया था?
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री के द्वारा निश्चय यात्रा के दौरान पुराने पटना समाहरणालय परिसर के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक के बाद जीर्ण-शीर्ण भवनों का निरीक्षण किया गया था। इन भवनों की जर्जर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा इसी परिसर में पुराने भवनों को तोड़कर नये समाहरणालय भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। पटना समाहरणालय के नये भवन का निर्माण गंगा नदी के किनारे अवस्थित समाहरणालय के पुराने परिसर में ही जीर्ण-शीर्ण भवनों को तोडकर 632 एकड़ भूखंड पर किया गया है। इस नये भवन मे कुल निर्मित क्षेत्रफल 28388 वर्गमीटर है जो पुराने समाहरणालय की तुलना में काफी ज्यादा है। नए समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी के कार्यालय के साथ-साथ जिला परिषद कार्यालय-सह-जिला विकास भवन तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर के कार्यालय भवन का भी निर्माण किया गया है। पटना समाहरणालय के नये भवन के निर्माण में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है।