Bihar: 'बंगाल की घटना पर संविधान की रक्षा करने की बात करने वाले मौन क्यों?', रविशंकर प्रसाद का विपक्ष पर तंज
Ravi Shankar Prasad: चारा घोटाले मामले में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जांच रोककर फाइलें छीन ली थीं। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की और ईडी ने डीजीपी निलंबन की सिफारिश की। अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
विस्तार
पटना साहिब के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा बर्बरतापूर्वक ईडी के अधिकारियों को जांच के क्रम में रोकने की कोशिश की गई, उसकी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है, उससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने इस घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि कोर्ट में सरकार की ओर से बताया गया कि आईपैक कंपनी के पास कोयला घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग के 20 करोड़ रुपये जमा करने का संदेहास्पद सबूत मिले थे, इस कारण जांच जरूरी थी। यह घोटाला करीब तीन हजार करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा कि इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि वहाँ हम क्यों गए थे? जांच के क्रम में वहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंच गईं और एक फाइल लेकर निकल गईं। वहाँ पुलिस के बड़े अधिकारी भी पहुंचे और फाइल लेकर भागते नजर आए, यह हास्यास्पद दृश्य सभी ने देखा। वहाँ डीजीपी भी साथ थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय में सुनवाई रोकने के लिए टीएमसी के लीगल सेल द्वारा यह सूचना दी गई कि सभी लोग आ जाओ। यह बात भी सुप्रीम कोर्ट को बताई गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ईडी की यह छापेमारी ममता बनर्जी के आवास, दफ्तर, टीएमसी के कार्यालय या किसी नेता के घर पर नहीं हो रही थी, यह छापेमारी आईपैक कंपनी के कार्यालय में हो रही थी। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ कि एक मुख्यमंत्री भागते हुए पहुंची और भ्रष्टाचार की जांच कर रही एजेंसी से फाइल छीन ले।
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चारा घोटाले पर क्या बोले?
चारा घोटाला की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय कभी भी पटना के सीबीआई के दफ्तर पर हमला नहीं बोला गया, यह स्वीकार करने वाली बात है। यह पहली बार हुआ कि कोई मुख्यमंत्री अपने पदाधिकारियों के साथ भ्रष्टाचार, कोयला घोटाला के मामले में ईडी जांच कर रही हो और उसे रोके और फाइल छीनकर ले आए और जांच जबरन रोक दे। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी नोटिस दिया है। ईडी ने डीजीपी को निलंबित करने की मांग की है। तीन फरवरी को अगली सुनवाई होनी है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि न्याय मिलेगा।
विपक्ष को लेकर क्या बोले?
सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिस तरह से ममता सरकार और स्वयं ममता बनर्जी ने सारे संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार किया, उसकी हम भर्त्सना करते हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि संविधान और संविधान की रक्षा करने की बात करने वाले मौन क्यों हैं? राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, स्टालिन या वामपंथी दल रोज संविधान की बात करते हैं तो भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान एक मुख्यमंत्री फाइल छीन ले तो वे कब बोलेंगे? रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इनका दोहरा मापदंड आज सबके सामने है। घोर असंवैधानिक आचरण जो आया है, उस पर भी ये खामोश हैं। देश की जनता ने इनके सही चेहरे को पहचान लिया है, इस कारण वोट के जरिए पश्चिम बंगाल में भी उन्हें बेनकाब करेंगे।
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