Samridhi Yatra: आज से सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, पहले दिन पश्चिम चंपारण के लोगों को दी बड़ी सौगात
Bihar News: स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाने वाले विपक्ष को जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से जमीन पर उतर चुके हैं। अपनी समृद्धि यात्रा के जरिए वह जन-जन के बीच पहुंचने की तैयारी में हैं। राज्य की विकास योजनाओं की ज़मीनी हकीकत जानने और जनता से सीधा संवाद करने के लिए उन्होंने इस यात्रा की शुरुआत की।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज से समृद्धि यात्रा की शुरुआत कर चुके हैं। यात्रा के पहले दिन वह पश्चिम चम्पारण के बेतिया पहुंचे। यहां पर लोगों को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 153 करोड़ रुपये की लागत से 125 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 29 करोड़ रुपये की लागत से 36 योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं से जिले में आधारभूत संरचना, जनसुविधाओं और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया। यहां वे औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और स्थानीय रोजगार सृजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
2005 से पहले की सरकार पर निशाना साधा
मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार ने 2005 से पहले के बिहार को याद करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे, कानून-व्यवस्था बदहाल थी, इलाज, शिक्षा, सड़क और बिजली की हालत खराब थी। हमारी सरकार आने के बाद कानून का राज स्थापित हुआ और विकास की गति तेज हुई। आज बिहार में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर झगड़े नहीं होते, सभी वर्गों के लिए समान रूप से काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2020 में 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का वादा किया गया था, जिसमें से 10 लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और 40–50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। अब सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है।
विकास कार्यों की समीक्षा भी की
मुख्यमंत्री ने बेतिया के रमना मैदान में विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास कर जीविका दीदियों एवं ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय बैठक भी ली। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी चंपारण जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कार्यों की गति बढ़ाने एवं जनहित के विषयों को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया।
सीएम की यात्रा को लेकर मुख्य सचिव ने पहले ही जारी कर दिया निर्देश
मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कार्यक्रम स्थल पर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया था। समृद्धि यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के साथ-साथ जनता से सीधा संवाद भी कर रहे हैं। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यात्रा पर निकलने के संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे के समय संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिवों को स्थल पर उपस्थित रहना होगा। समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों के आला अफसर मौजूद रहेंगे। विशेष परिस्थितियों में ही विभाग के दूसरे वरिष्ठतम अधिकारी को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट रूप से सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वे समय रहते यात्रा की तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने समीक्षा बैठक से पहले विभागीय सचिवों को अपने विभागों की योजनाओं की पूर्व समीक्षा करने को कहा है ताकि मुख्यमंत्री के सामने सटीक जानकारी पेश की जा सके।
जानिए, मुख्यमंत्री कहां-किस जिले में पहुंचेंगे?
16 जनवरी को नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण से नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा शुरू हो रही है। उधर से वह 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण जाएंगे। रविवार को विश्राम के बाद 19 जनवरी को सीतामढ़ी-शिवहर, 20 को गोपालगंज, 21 को सीवान, 22 को सारण, 23 को मुजफ्फरपुर और 24 को वैशाली की यात्रा कर पटना लौटेंगे। इस दौरान वह दिसंबर 2024 की प्रगति यात्रा में शुरू कराई योजनाओं और सात निश्चय योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उद्घाटन-शिलान्यास आदि के साथ जन-संवाद और समीक्षा बैठकें भी करेंगे, जैसा हर यात्रा में करते रहे हैं।