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नीति आयोग की रैंकिंग में बिहार का जलवा! पूर्णिया बना देश का नंबर-1 जिला, बेगूसराय ने भी लहराया परचम
Mon, 13 Jul 2026 08:31 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 13 Jul 2026 08:31 PM IST
सार
Bihar News: नीति आयोग की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही डेल्टा रैंकिंग में बिहार ने शानदार प्रदर्शन किया है। पूर्णिया ने 112 आकांक्षी जिलों में समग्र प्रदर्शन और कृषि एवं जल संसाधन श्रेणी में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, बेगूसराय शिक्षा श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा।
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नीति आयोग
- फोटो : आधिकारिक वेबसाइट/नीति आयोग
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विस्तार
नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही डेल्टा रैंकिंग में बिहार ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य के पूर्णिया जिले ने देश के 112 आकांक्षी जिलों में समग्र प्रदर्शन में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही कृषि एवं जल संसाधन श्रेणी में भी पूर्णिया देशभर में पहले स्थान पर रहा। वहीं बेगूसराय ने शिक्षा श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर बिहार की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
नीति आयोग की रैंकिंग में क्यों खास है यह उपलब्धि?
यह उपलब्धि केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में सुशासन, परिणाम आधारित योजना निर्माण, डेटा आधारित मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय का भी प्रमाण मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम?
आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2018 में नीति आयोग ने 'चैंपियंस ऑफ चेंज' की अवधारणा के तहत की थी। इसका उद्देश्य देश के अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में तेज और सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में जिलों की रैंकिंग वर्तमान स्थिति के बजाय तय अवधि में हुए डेल्टा सुधार के आधार पर की जाती है।
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योजना एवं विकास विभाग ने निभाई अहम भूमिका
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतर-विभागीय समन्वय, डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन आधारित मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग नियमित रूप से जिलों के विकास संकेतकों की समीक्षा कर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है।
पूर्णिया और बेगूसराय की सफलता के पीछे ये रहे प्रमुख कारण
पूर्णिया ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सुधार किया। वहीं बेगूसराय ने विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अधिगम परिणाम और अन्य शैक्षणिक संकेतकों में लगातार सुधार करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
'विकसित बिहार 2047' की दिशा में बड़ा कदम
योजना एवं विकास विभाग का कहना है कि यह उपलब्धि 'विकसित बिहार 2047' के लक्ष्य की दिशा में राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है। विभाग आगामी तिमाहियों में आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सहयोग, समीक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगा।
यह भी पढ़ें: बांकीपुर में नामांकन के बाद गिरफ्तार वीणा मानवी को जमानत; तेज प्रताप ने कहा था- चक्र चलेगा
सरकार ने अधिकारियों और कर्मियों को दी बधाई
राज्य सरकार ने पूर्णिया और बेगूसराय जिला प्रशासन के साथ-साथ इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि बिहार के अन्य जिले भी इस प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएंगे।
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नीति आयोग की रैंकिंग में क्यों खास है यह उपलब्धि?
यह उपलब्धि केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में सुशासन, परिणाम आधारित योजना निर्माण, डेटा आधारित मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय का भी प्रमाण मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
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क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम?
आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2018 में नीति आयोग ने 'चैंपियंस ऑफ चेंज' की अवधारणा के तहत की थी। इसका उद्देश्य देश के अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में तेज और सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में जिलों की रैंकिंग वर्तमान स्थिति के बजाय तय अवधि में हुए डेल्टा सुधार के आधार पर की जाती है।
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योजना एवं विकास विभाग ने निभाई अहम भूमिका
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतर-विभागीय समन्वय, डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन आधारित मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग नियमित रूप से जिलों के विकास संकेतकों की समीक्षा कर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है।
पूर्णिया और बेगूसराय की सफलता के पीछे ये रहे प्रमुख कारण
पूर्णिया ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सुधार किया। वहीं बेगूसराय ने विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अधिगम परिणाम और अन्य शैक्षणिक संकेतकों में लगातार सुधार करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
'विकसित बिहार 2047' की दिशा में बड़ा कदम
योजना एवं विकास विभाग का कहना है कि यह उपलब्धि 'विकसित बिहार 2047' के लक्ष्य की दिशा में राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है। विभाग आगामी तिमाहियों में आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सहयोग, समीक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगा।
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सरकार ने अधिकारियों और कर्मियों को दी बधाई
राज्य सरकार ने पूर्णिया और बेगूसराय जिला प्रशासन के साथ-साथ इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि बिहार के अन्य जिले भी इस प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएंगे।