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Bihar: अब बिहार में ही बन रहा भविष्य; डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी बोले- शिक्षा के लिए छात्रों का पलायन घटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Wed, 29 Apr 2026 07:57 PM IST
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सार
Bihar News: बिहार में तकनीकी शिक्षा के विस्तार से छात्रों का पलायन तेजी से घटा है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए विजय कुमार चौधरी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य से पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों के कारण अब छात्रों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
नीतीश सरकार की पहल आगे बढ़ा रही सरकार
मीडिया से बातचीत के दौरान विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर शुरू की गई योजनाओं को वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के युवाओं को अपने घर के पास ही आधुनिक शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके।
घर बैठे मिल रही तकनीकी शिक्षा
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पहले उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था। लेकिन अब बिहार के लगभग हर जिले में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित होने से छात्रों को कम खर्च में बेहतर शिक्षा मिल रही है। इससे अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
पढ़ाई की गुणवत्ता में लगातार सुधार
विजय कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ाई की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। इसी का परिणाम है कि तकनीकी पाठ्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ी है और अधिक छात्र इन क्षेत्रों में करियर बना रहे हैं।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से बढ़ा सशक्तिकरण
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा में महिलाओं और बालिकाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की नीति लागू की गई है, जिससे बड़ी संख्या में छात्राएं भी तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है और बिहार इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
ये भी पढ़ें- शिक्षा का मंदिर या मजदूरी का अड्डा? स्कूली बच्चों से ढुलवाए बेंच-डेस्क; वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
कम फीस में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर
विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 14,553 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 17,243 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में नामांकन शुल्क बेहद कम रखा गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना आर्थिक दबाव के तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर नियोजन समितियां और संस्थान स्तर के प्लेसमेंट सेल सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इनके प्रयासों से वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 15,246 छात्रों को निजी कंपनियों में रोजगार मिल चुका है, जो राज्य के युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत है।
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नीतीश सरकार की पहल आगे बढ़ा रही सरकार
मीडिया से बातचीत के दौरान विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर शुरू की गई योजनाओं को वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के युवाओं को अपने घर के पास ही आधुनिक शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके।
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घर बैठे मिल रही तकनीकी शिक्षा
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पहले उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था। लेकिन अब बिहार के लगभग हर जिले में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित होने से छात्रों को कम खर्च में बेहतर शिक्षा मिल रही है। इससे अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
पढ़ाई की गुणवत्ता में लगातार सुधार
विजय कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ाई की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। इसी का परिणाम है कि तकनीकी पाठ्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ी है और अधिक छात्र इन क्षेत्रों में करियर बना रहे हैं।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से बढ़ा सशक्तिकरण
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा में महिलाओं और बालिकाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की नीति लागू की गई है, जिससे बड़ी संख्या में छात्राएं भी तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है और बिहार इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
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कम फीस में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर
विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 14,553 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 17,243 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में नामांकन शुल्क बेहद कम रखा गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना आर्थिक दबाव के तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर नियोजन समितियां और संस्थान स्तर के प्लेसमेंट सेल सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इनके प्रयासों से वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 15,246 छात्रों को निजी कंपनियों में रोजगार मिल चुका है, जो राज्य के युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत है।
