बिहार के लिए बड़ी सौगात, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 468 करोड़ के MoU, पैदा होंगी 10 हजार नौकरियां
नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार ने बड़े निवेश और तकनीकी सौगात हासिल की है। बिहार सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये के MoUs पर हस्ताक्षर किए, जिससे 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
विस्तार
राजधानी नई दिल्ली में आयोजित विश्व के सबसे बड़े एआई आयोजन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार को बड़ी निवेश और तकनीकी सौगात मिली है। पांच दिवसीय इस वैश्विक समिट के दौरान बिहार सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये के समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिससे राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
बिहार सरकार ने किया 60 करोड़ रुपये का MoU
नवाचार, इनक्यूबेशन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने 60 करोड़ रुपये का MoU ‘बिहार एआई उत्कृष्टता केंद्र (AI CoE)’ की स्थापना हेतु किया है। इस केंद्र में उद्योग भागीदार के रूप में Tiger Analytics तथा शैक्षणिक भागीदार के रूप में IIT Patna सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, आईआईटी पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे शोध, स्टार्टअप और उद्योगों के बीच समन्वय को नई गति मिलेगी।
📍AI Impact Summit, नई दिल्ली
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 17, 2026
नई दिल्ली के भारत मंडपम में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने कल दुनिया के सबसे बड़े AI Expo का उद्घाटन किया। आज India Al Expo में Bihar Pavilion का अवलोकन किया। इस दौरान बिहार सरकार द्वारा AI संबंधित 468 करोड़ रुपये के परियोजना… pic.twitter.com/DuRXlwJMS4
GCC और IT कंपनियों के साथ बड़े समझौते
बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार आईटी नीति 2024 के तहत कई प्रमुख कंपनियों के साथ भी समझौते किए गए। इनमें रेड साइबर (103 करोड़), ग्रोQR (30 करोड़) और सीआईपीएल (25 करोड़) जैसी कंपनियां शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि इन पहलों से राज्य में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जबकि 50,000 से अधिक युवाओं को एआई-संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बिहार पवेलियन का उद्घाटन
मंगलवार, 17 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारत सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने की। समारोह में बिहार सरकार की आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं IIT Patna के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिहार की बढ़ती पहचान
समिट में 100 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ, 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री भाग ले रहे हैं। हाल ही में स्वीकृत बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के साथ राज्य सरकार ने बिहार को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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बिहार ने दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति
समिट में बिहार पवेलियन हॉल 5-एफ, स्टॉल संख्या 8 और 12 में स्थापित किया गया है, जहां राज्य की नीतियों, निवेश अवसरों और तकनीकी पहलों को प्रदर्शित किया जा रहा है। कुल मिलाकर, एआई मिशन, रिसर्च पार्क और नई नीतियों के जरिए बिहार ने तकनीकी निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
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