Bihar News: अब 'आम' के नाम बदलेगी NDA सरकार, कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा एलान
Patna Mango Festival: पांच साल पहले भाजपा सरकार ने गुजरात में 'ड्रैगन फ्रूट' का नाम बदलकर 'कमलम' कर दिया था। इसी तरह की तैयारी अब बिहार में है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने साफ कह दिया है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटना में ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ शनिवार को हो गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने किया। उन्होंने आम को फलों का राजा बताया। साथ ही घोषणा कर दी कि राज्य में पैदा होने वाले विदेशी आम को नया नाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस विदेशी आम की बिहार में पैदावार हो रही है, उसे स्थानीय नाम दिया जाएगा। इससे किसानों की भावना का सम्माना होगा।
कृषि मंत्री ने बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन द्वारा नर्सरी एवं उद्यानिकी क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने घोषणा की कि सरकार जल्द ही बिहार नर्सरी पंजीकरण अधिनियम लागू करने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे राज्य के नर्सरी व्यवसाय को एक सुव्यवस्थित एवं कानूनी पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का प्रारूप बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के साथ आपसी विचार-विमर्श, सुझाव एवं सहमति से तैयार किया जाएगा ताकि यह किसानों एवं नर्सरी संचालकों के हितों की रक्षा कर सके।
बिहार में आम की समृद्ध विरासत
बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. के. मणि ने कहा कि नर्सरीमेन एसोसिएशन का उद्देश्य बिहार को देश के अग्रणी उद्यानिकी एवं नर्सरी राज्यों में स्थापित करना, किसानों की आय बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन को बढ़ावा देना तथा नर्सरी उद्योग को संगठित एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल बिहार की समृद्ध आम विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। दो दिवसीय इस महोत्सव के प्रथम दिन बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नर्सरी संचालकों, किसानों, उद्यान विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, आम प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
100 से अधिक किस्मों के आम की प्रदर्शनी
महोत्सव में 100 से अधिक दुर्लभ एवं प्रीमियम आम किस्मों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें मियाजाकी, रेड आइवरी, आर2ई2, बारी-4, कैटिमोन, सेंसेशन, सिंधु सीडलैस, अल्फांसो, जर्दालू, गुलाबखास, लंगड़ा मालदह सहित अनेक देशी एवं विदेशी किस्में शामिल हैं। महोत्सव में दुनिया का सबसे महंगा जापानी आम 'मियाजाकी' आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। इस आम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग एक से तीन लाख प्रति किलो तक होती है। एसोसिएशन के सचिव अभिजीत नारायण ने कहा कि आम महोत्सव में आयोजन में बिहार और अन्य राज्यों से आए नर्सरी संचालक और किसानों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। लोग कम कीमतों में खरीदारी कर सकते हैं।