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Bihar: नकाबपोश बदमाशों का तांडव! जदयू नेता के बेटे की कार घेरकर ताबड़तोड़ दागीं गोलियां, साले की हालत भी नाजुक
Fri, 24 Jul 2026 07:38 AM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:38 AM IST
सार
पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर गुरुवार रात चार नकाबपोश बदमाशों ने जदयू नेता अमरेंद्र कुशवाहा के इकलौते बेटे शुभम कुशवाहा और उसके मामा सागर कुशवाहा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हैं और निजी अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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अस्पताल में घायल का इलाज जारी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवालाल चौक पर अपराधियों का बेखौफ चेहरा सामने आया है। जहां आधी रात को नकाबपोश बदमाशों ने दो लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस जानलेवा हमले में पूर्णिया नगर निगम के वार्ड 24 की पार्षद राखी देवी व जदयू नेता अमरेंद्र कुशवाहा के इकलौते पुत्र शुभम कुशवाहा और उसके मामा सागर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। अपराधियों ने दोनों को निशाना बनाकर पाँच गोलियां दागीं। वारदात के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी और सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
दो बाइकों पर सवार थे चार नकाबपोश बदमाश
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात शुभम कुशवाहा अपने मामा सागर कुशवाहा के साथ नेवालाल चौक से आगे स्थित एक चाय की दुकान पर रुके थे। देर रात वहां से लौटने के दौरान जैसे ही दोनों अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर आगे बढ़ने लगे, तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। अपराधियों ने शुभम को कार से खींचकर मारने का प्रयास किया। जब वे इसमें नाकाम रहे, तो गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों द्वारा चलाई गई पाँच गोलियों में से तीन शुभम को और दो उसके मामा सागर कुशवाहा को लगीं। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी रात के अंधेरे में हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया ले जाया जा रहा था, लेकिन उनकी अत्यधिक गंभीर स्थिति को देखते हुए रास्ते से ही उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 अभिनव पाराशर और मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच में जुट गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर हमलावरों की शिनाख्त में जुटी है। जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले एक दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
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ये भी पढ़ें- परिचारी की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, रेड में 34 प्रॉपर्टी, थार और बैंक खातों के दस्तावेज मिले
शुभम का भी रहा है आपराधिक इतिहास
परिजनों के अनुसार, तीन दिन पूर्व पड़ोसी सन्नी सरदार और सन्नी मंडल की गाड़ी घर के मुख्य दरवाजे की दीवार से सट गई थी, जिसे लेकर कहासुनी हुई थी। इस दौरान शुभम ने सन्नी पर इलाके में स्मैक (नशीले पदार्थ) की तस्करी करने का आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि घायल शुभम कुशवाहा का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2018 में पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह (रिमांड होम) में हुई अंधाधुंध फायरिंग कांड में शुभम आरोपी था, जिसमें एक बाल कैदी और हाउस फादर विजेंद्र कुमार की मौत हुई थी। पुलिस स्मैक विवाद और पुरानी रंजिश, दोनों बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है।
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दो बाइकों पर सवार थे चार नकाबपोश बदमाश
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात शुभम कुशवाहा अपने मामा सागर कुशवाहा के साथ नेवालाल चौक से आगे स्थित एक चाय की दुकान पर रुके थे। देर रात वहां से लौटने के दौरान जैसे ही दोनों अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर आगे बढ़ने लगे, तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। अपराधियों ने शुभम को कार से खींचकर मारने का प्रयास किया। जब वे इसमें नाकाम रहे, तो गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों द्वारा चलाई गई पाँच गोलियों में से तीन शुभम को और दो उसके मामा सागर कुशवाहा को लगीं। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी रात के अंधेरे में हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
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मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया ले जाया जा रहा था, लेकिन उनकी अत्यधिक गंभीर स्थिति को देखते हुए रास्ते से ही उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 अभिनव पाराशर और मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच में जुट गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर हमलावरों की शिनाख्त में जुटी है। जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले एक दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
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शुभम का भी रहा है आपराधिक इतिहास
परिजनों के अनुसार, तीन दिन पूर्व पड़ोसी सन्नी सरदार और सन्नी मंडल की गाड़ी घर के मुख्य दरवाजे की दीवार से सट गई थी, जिसे लेकर कहासुनी हुई थी। इस दौरान शुभम ने सन्नी पर इलाके में स्मैक (नशीले पदार्थ) की तस्करी करने का आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि घायल शुभम कुशवाहा का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2018 में पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह (रिमांड होम) में हुई अंधाधुंध फायरिंग कांड में शुभम आरोपी था, जिसमें एक बाल कैदी और हाउस फादर विजेंद्र कुमार की मौत हुई थी। पुलिस स्मैक विवाद और पुरानी रंजिश, दोनों बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है।