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Bihar News: आधार सिस्टम में सेंध! अररिया में फर्जी दस्तावेज़ गैंग का भंडाफोड़, कई राज्यों के आईडी का दुरुपयोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 09:58 AM IST
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सार
बिहार के अररिया जिले में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पलासी और रानीगंज थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई अन्य फरार हैं।
पुलिस हिरासत में फर्जी कार्ड बनाने वाले गिरोह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार के अररिया जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। पलासी और रानीगंज थाना क्षेत्रों में की गई छापेमारी में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य आरोपी फरार हैं। इस मामले ने देश की पहचान प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पलासी और रानीगंज में पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पलासी थाना क्षेत्र के सोहनदर हाट स्थित एक मोबाइल दुकान से अभिषेक कुमार बहरदार, मनीप कुमार बहरदार, शशि कुमार और मुर्शीद आलम को गिरफ्तार किया गया। वहीं उपेश कुमार मंडल मौके से फरार हो गया। वहीं रानीगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया बाजार से मो. अताउर्रब कौसर उर्फ वसीम और इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी वहां से भागने में सफल रहे।
कई राज्यों के आईडी का हो रहा था दुरुपयोग
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर रहा था। खास बात यह सामने आई है कि आरोपी दूसरे राज्यों के आईडी को बाईपास कर नए आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही पुराने आधार कार्ड को भी गलत तरीके से अपडेट किया जा रहा था।
छापेमारी में कई उपकरण और दस्तावेज बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर, आईरिस डिवाइस, मोबाइल फोन, प्रिंटर, नकदी, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। एक लैपटॉप में 39 लोगों के आधार इनरोलमेंट और अपडेट से जुड़ा डेटा भी मिला है।
इस मामले में बिहार पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सिस्टम का इस तरह दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों की गहन जांच बेहद जरूरी है।
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पलासी और रानीगंज में पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पलासी थाना क्षेत्र के सोहनदर हाट स्थित एक मोबाइल दुकान से अभिषेक कुमार बहरदार, मनीप कुमार बहरदार, शशि कुमार और मुर्शीद आलम को गिरफ्तार किया गया। वहीं उपेश कुमार मंडल मौके से फरार हो गया। वहीं रानीगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया बाजार से मो. अताउर्रब कौसर उर्फ वसीम और इम्तियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी वहां से भागने में सफल रहे।
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कई राज्यों के आईडी का हो रहा था दुरुपयोग
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर रहा था। खास बात यह सामने आई है कि आरोपी दूसरे राज्यों के आईडी को बाईपास कर नए आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही पुराने आधार कार्ड को भी गलत तरीके से अपडेट किया जा रहा था।
छापेमारी में कई उपकरण और दस्तावेज बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर, आईरिस डिवाइस, मोबाइल फोन, प्रिंटर, नकदी, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। एक लैपटॉप में 39 लोगों के आधार इनरोलमेंट और अपडेट से जुड़ा डेटा भी मिला है।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारीइस मामले में बिहार पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सिस्टम का इस तरह दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों की गहन जांच बेहद जरूरी है।

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