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Bihar News: प्रमंडल की बैठक के बाद सरकारी अफसर को जान से मारने की धमकी; अधिकारी के साथ यूट्यूबर पर केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 07:23 AM IST
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सार
Bihar Police: पूर्णिया कमिश्नरी में बैठक के बाद कटिहार के अधिकारी को धमकाने के आरोप में किशनगंज MVI और एक यूट्यूबर पर FIR दर्ज हुई है। मामला अवैध चालान से शुरू हुआ था।
पूर्णिया के इसी थाने में दर्ज हुआ यह चर्चित मामला।
- फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय (कमिश्नरी) परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कटिहार के अपर जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह ने किशनगंज के प्रवर्तन निरीक्षक श्यामानन्दन प्रसाद, देशवा न्यूज की यूट्यूब पत्रकार बबीता मिश्रा और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी (संख्या 248/26) दर्ज कराई है। केहाट थानाध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआई नेहा कुमारी को अनुसंधान की कमान सौंपी है।
बिना चालान छोड़ने की बात पर बढ़ा हंगामा
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस पूरे विवाद की पटकथा वाहनों के चालान को लेकर लिखी गई। एडीटीओ संजीव कुमार सिंह का आरोप है कि प्रमंडलीय समीक्षा बैठक से ठीक पहले किशनगंज के एमवीआई श्यामानन्दन प्रसाद ने उन पर कुछ अवैध वाहनों को बिना चालान छोड़ने का अनुचित दबाव बनाया। जब एडीटीओ ने नियमों का हवाला देते हुए इस पैरवी को ठुकरा दिया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। आरोप है कि उन्हें महिला उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई, ताकि वे अवैध परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई रोक दें।
यूट्यूबर ने धमकाया, एमवीआई पर भी आरोप
आवेदन के मुताबिक, 16 मार्च को शाम करीब 4:40 बजे जब प्रमंडलीय बैठक खत्म हुई और एडीटीओ संजीव कुमार सिंह अपने सहकर्मी के साथ गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी यूट्यूब पत्रकार बबीता मिश्रा ने दबंगई दिखाते हुए गाड़ी का दरवाजा जबरन खोल दिया और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए हंगामा किया। आरोप है कि यह सब एमवीआई के इशारे पर अधिकारी को उकसाने और डराने के लिए किया गया। कटिहार अपर जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपनी शिकायत में एक काले रंग की थार (बीआर 11 बीके 7850) का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जिसमें सवार 4-5 हथियारबंद युवकों ने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी। कमिश्नरी जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में, जहां प्रमंडल के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी रहती है, वहां हथियारबंद संदिग्धों का पहुंचना जिला पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
चश्मदीद और सीसीटीवी सबूतों पर काम शुरू
पुलिस अब डिजिटल और चश्मदीद सबूतों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। अनुसंधानकर्ता एसआई नेहा कुमारी ने मामले में एडीटीओ संजीव कुमार सिंह से बारीकी से पूछताछ की है। अनुसंधानकर्ता का मानना है कि वरीय अधिकारियों के आदेश पर कमिश्नरी परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे, ताकि परिसर में हुए हंगामे और काली थार की आवाजाही की पुष्टि हो सके। पुलिस उस थार गाड़ी के मालिक और उसमें सवार संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। विभाग के भीतर ही दो अधिकारियों के बीच इस तरह का आपराधिक टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है। एडीटीओ संजीव कुमार सिंह ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और बताया कि इस खौफ के कारण वे पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में जांच कार्य (फील्ड ड्यूटी) पर नहीं निकल पा रहे हैं।
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बिना चालान छोड़ने की बात पर बढ़ा हंगामा
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस पूरे विवाद की पटकथा वाहनों के चालान को लेकर लिखी गई। एडीटीओ संजीव कुमार सिंह का आरोप है कि प्रमंडलीय समीक्षा बैठक से ठीक पहले किशनगंज के एमवीआई श्यामानन्दन प्रसाद ने उन पर कुछ अवैध वाहनों को बिना चालान छोड़ने का अनुचित दबाव बनाया। जब एडीटीओ ने नियमों का हवाला देते हुए इस पैरवी को ठुकरा दिया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। आरोप है कि उन्हें महिला उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई, ताकि वे अवैध परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई रोक दें।
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यूट्यूबर ने धमकाया, एमवीआई पर भी आरोप
आवेदन के मुताबिक, 16 मार्च को शाम करीब 4:40 बजे जब प्रमंडलीय बैठक खत्म हुई और एडीटीओ संजीव कुमार सिंह अपने सहकर्मी के साथ गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी यूट्यूब पत्रकार बबीता मिश्रा ने दबंगई दिखाते हुए गाड़ी का दरवाजा जबरन खोल दिया और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए हंगामा किया। आरोप है कि यह सब एमवीआई के इशारे पर अधिकारी को उकसाने और डराने के लिए किया गया। कटिहार अपर जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपनी शिकायत में एक काले रंग की थार (बीआर 11 बीके 7850) का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जिसमें सवार 4-5 हथियारबंद युवकों ने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी। कमिश्नरी जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में, जहां प्रमंडल के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी रहती है, वहां हथियारबंद संदिग्धों का पहुंचना जिला पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
चश्मदीद और सीसीटीवी सबूतों पर काम शुरू
पुलिस अब डिजिटल और चश्मदीद सबूतों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। अनुसंधानकर्ता एसआई नेहा कुमारी ने मामले में एडीटीओ संजीव कुमार सिंह से बारीकी से पूछताछ की है। अनुसंधानकर्ता का मानना है कि वरीय अधिकारियों के आदेश पर कमिश्नरी परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे, ताकि परिसर में हुए हंगामे और काली थार की आवाजाही की पुष्टि हो सके। पुलिस उस थार गाड़ी के मालिक और उसमें सवार संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। विभाग के भीतर ही दो अधिकारियों के बीच इस तरह का आपराधिक टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है। एडीटीओ संजीव कुमार सिंह ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और बताया कि इस खौफ के कारण वे पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में जांच कार्य (फील्ड ड्यूटी) पर नहीं निकल पा रहे हैं।