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Bihar: भारत में शादी करने वाली नेपाली महिलाओं को मिलेगी भारतीय नागरिकता, पूर्णिया DM ने दिए कैंप लगाने के आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Tue, 28 Apr 2026 10:28 PM IST
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सार

Purnea News: पूर्णिया डीएम ने भारत में विवाहित नेपाली महिलाओं को नागरिकता दिलाने के लिए विशेष समिति बनाई है। अब प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर पंजीकरण में मदद की जाएगी, जिससे हजारों नेपाली बहुओं को भारतीय पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

Purnea News: Nepali Women Marrying in India to Receive Indian Citizenship; DM Orders Setting Up of Camps
पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार ने जारी किया आदेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को प्रशासनिक स्तर पर नई मजबूती मिलने जा रही है। पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन नेपाली मूल की महिलाओं के लिए नागरिकता की राह आसान कर दी है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया है। जिले के सीमावर्ती इलाकों में रोटी-बेटी के इस रिश्ते को अब कानूनी जामा पहनाने के लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा।

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जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नागरिकता पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) को सौंपी गई है। समिति में अपर पुलिस अधीक्षक, उप निर्वाचन पदाधिकारी और सभी संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कैंप लगाकर नेपाली महिलाओं को पंजीकरण प्रक्रिया में तकनीकी और कानूनी सहयोग प्रदान करेगी।
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पूर्णिया जिला नेपाल की सीमा के काफी करीब है। अमौर, बायसी, कसबा, बनमनखी और धमदाहा जैसे प्रखंडों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं, जो नेपाल से विवाह कर यहां आई हैं। दशकों से यहां रहने और परिवार बसाने के बावजूद, दस्तावेजों की कमी और जटिल प्रक्रिया के कारण ये महिलाएं भारतीय नागरिकता से वंचित रही हैं। नागरिकता न होने के कारण उन्हें न तो मतदान का अधिकार मिल पाता है और न ही वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ उठा पाती हैं। डीएम की इस पहल से ऐसी हजारों महिलाओं के जीवन में स्थायित्व आएगा।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, अब महिलाओं को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। गठित समिति के सदस्य स्वयं प्रखंडों में जाकर कैंप लगाएंगे। इन कैंपों में नागरिकता के लिए आवेदन कैसे करना है, कौन से दस्तावेज अनिवार्य हैं और शपथ पत्र की क्या प्रक्रिया है। इन सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी और सहायता दी जाएगी। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यह सारा कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि आवेदकों को अनावश्यक परेशानी न हो।

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