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Bihar: यहां इंटर का परिणाम रुकने पर प्रधानाध्यापक निलंबित, इस गलती से छात्रों का भविष्य लगा दांव पर; जानें वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 05:36 PM IST
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सार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम में डगरुआ प्रखंड के दुबैली विद्यालय के कई छात्रों का रिजल्ट तकनीकी कारणों से लंबित हो गया।
यहां इंटर का परीक्षा परिणाम नहीं आने के बाद हंगामा करते छात्र व परिजन।
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विस्तार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम जारी होने के बाद जहां छात्र जश्न मना रहे हैं, वहीं डगरुआ प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय दुबैली के छात्रों के लिए यह समय मानसिक तनाव का बन गया। विद्यालय के कई परीक्षार्थियों का रिजल्ट तकनीकी कारणों से लंबित है। इस गंभीर मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक निश्चल कुमार की भारी लापरवाही सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। विभाग ने उन्हें न केवल निलंबित कर दिया है, बल्कि उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई है।
परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका का उल्लंघन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पूरी घटना की जड़ 18 जनवरी 2026 की उस कार्रवाई में छिपी है, जब इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न हुई थीं। विभागीय निर्देशों के अनुसार, परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं और मार्क्स फॉयल को एक निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत जमा करना था। लेकिन, प्रधानाध्यापक निश्चल कुमार ने इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका 2026' की कंडिका 21 का उल्लंघन किया।
इस वजह से रिजल्ट अटका
उन्होंने विभागीय अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत, परीक्षा सामग्री को एक सहायक शिक्षक के माध्यम से पूर्णिया भेजा। हैरानी की बात यह है कि सामग्री को निर्धारित तिथि से पहले ही ले जाया जा रहा था, और इसी दौरान रास्ते में कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा सामग्री की 'छिनतई' (लूट) कर ली गई। इसी छिनतई के कारण छात्रों के प्रायोगिक अंक बोर्ड तक नहीं पहुंच सके और उनका रिजल्ट अटक गया।
तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
आरडीडीई (RDDE) के निर्देश पर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई। जांच दल में डीपीओ स्थापना, अपर समाहर्ता और जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शामिल थे। जांच में पाया गया कि एचएम ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर संवेदनशील परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। नतीजतन, बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2006 के तहत निश्चल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) श्रीनगर का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
ये भी पढ़ें- Bihar Crime: चाचा ने की एक ही परिवार के तीन बच्चों की निर्मम हत्या, खुद पर भी किया हमला, मचा कोहराम
'मार्क्स फॉइल' की जांच जिलास्तरीय कमिटी कर रही
लगातार विद्यालय के चक्कर लगा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में एक विशेष बैठक की। अधिकारियों ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि समिति द्वारा भेजी गई 'मार्क्स फॉइल' की जांच जिलास्तरीय कमिटी कर रही है। दो दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन बिहार बोर्ड को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद छात्रों का लंबित परिणाम जारी कर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने छात्रों से किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने और संयम बनाए रखने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और हेडमास्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शिक्षक की लापरवाही ने सैकड़ों छात्रों के साल भर की मेहनत को संकट में डाल दिया है। हालांकि, विभाग की त्वरित कार्रवाई से छात्रों को उम्मीद जगी है कि उनका रिजल्ट जल्द ही पोर्टल पर दिखने लगेगा।
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परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका का उल्लंघन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पूरी घटना की जड़ 18 जनवरी 2026 की उस कार्रवाई में छिपी है, जब इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न हुई थीं। विभागीय निर्देशों के अनुसार, परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं और मार्क्स फॉयल को एक निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत जमा करना था। लेकिन, प्रधानाध्यापक निश्चल कुमार ने इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका 2026' की कंडिका 21 का उल्लंघन किया।
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इस वजह से रिजल्ट अटका
उन्होंने विभागीय अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत, परीक्षा सामग्री को एक सहायक शिक्षक के माध्यम से पूर्णिया भेजा। हैरानी की बात यह है कि सामग्री को निर्धारित तिथि से पहले ही ले जाया जा रहा था, और इसी दौरान रास्ते में कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा सामग्री की 'छिनतई' (लूट) कर ली गई। इसी छिनतई के कारण छात्रों के प्रायोगिक अंक बोर्ड तक नहीं पहुंच सके और उनका रिजल्ट अटक गया।
तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
आरडीडीई (RDDE) के निर्देश पर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई। जांच दल में डीपीओ स्थापना, अपर समाहर्ता और जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शामिल थे। जांच में पाया गया कि एचएम ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर संवेदनशील परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। नतीजतन, बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2006 के तहत निश्चल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) श्रीनगर का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
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'मार्क्स फॉइल' की जांच जिलास्तरीय कमिटी कर रही
लगातार विद्यालय के चक्कर लगा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में एक विशेष बैठक की। अधिकारियों ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि समिति द्वारा भेजी गई 'मार्क्स फॉइल' की जांच जिलास्तरीय कमिटी कर रही है। दो दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन बिहार बोर्ड को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद छात्रों का लंबित परिणाम जारी कर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने छात्रों से किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने और संयम बनाए रखने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और हेडमास्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शिक्षक की लापरवाही ने सैकड़ों छात्रों के साल भर की मेहनत को संकट में डाल दिया है। हालांकि, विभाग की त्वरित कार्रवाई से छात्रों को उम्मीद जगी है कि उनका रिजल्ट जल्द ही पोर्टल पर दिखने लगेगा।