Bihar News: फर्जी आईएएस बनकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा युवक, संदेह होने पर पूछताछ हुई तो खुली पोल; फिर क्या?
छपरा के सारण समाहरणालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंच गया। संदेह होने पर पूछताछ में उसने खुद को फर्जी बताया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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प्रमंडलीय मुख्यालय छपरा स्थित सारण समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया और नगर थाना में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी बयान में बताया गया कि अपराह्न लगभग तीन बजे एक व्यक्ति समाहरणालय पहुंचा। उसने वहां प्रतिनियुक्त आदेशपाल को अपना परिचय मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाढ़ी गांव निवासी कृष्णा पंडित के पुत्र रीतेश कुमार के रूप में दिया और दावा किया कि वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मेरठ में आईएएस पद पर पदस्थापित है। स्वयं को उच्चाधिकारी बताने के कारण उसे जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ के भीतर प्रवेश दे दिया गया।
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मोटी रकम वसूलता था
जब जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने उससे पहचान पत्र और पदस्थापन से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो युवक स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर उससे सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह न तो आईएएस अधिकारी है और न ही किसी अन्य सरकारी पद पर कार्यरत है। पूछताछ में उसने यह भी कबूल किया कि वह लोगों पर रौब जमाने के लिए खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जाता था और अधिकारियों से मुलाकात करता था। यदि किसी व्यक्ति का काम हो जाता था, तो वह उससे मोटी रकम वसूलता था।
प्राथमिकी दर्ज
जिलाधिकारी ने इस पूरे कृत्य को गंभीर अपराध मानते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उनके आदेश पर नगर थाना पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर थाना लाया, जहां उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी कब से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त था और अब तक किन-किन लोगों को ठग चुका है।