Bihar News: जेपी यूनिवर्सिटी के 4 डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद्द,छात्रों की होगी शिफ्टिंग
बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। इनमें सारण के तीन और सीवान का एक कॉलेज शामिल है। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि वर्ष 2025 में इन कॉलेजों को संबद्धता देते समय विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट की अनिवार्य मंजूरी या अनुशंसा नहीं ली गई थी।
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बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया में कथित प्रक्रियात्मक अनियमितता के मामले में बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा से संबद्ध चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। इनमें सारण जिले के तीन और सीवान जिले का एक कॉलेज शामिल है। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि इन कॉलेजों को संबद्धता देने के प्रस्ताव में विश्वविद्यालय के अनिवार्य निकायों सीनेट और सिंडिकेट की अनुशंसा या मंजूरी नहीं ली गई थी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबद्धता रद्द होने का असर इन कॉलेजों में पहले से नामांकित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव शिशिर कुमार मिश्र ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र जारी कर संबद्धता रद्द किए जाने की जानकारी दी है। विभाग की ओर से गठित उच्चस्तरीय त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वर्ष 2025 में अलग-अलग तिथियों पर इन चार संस्थानों को संबद्धता प्रदान की गई थी। हालांकि, संबद्धता देने से पहले विश्वविद्यालय के सर्वोच्च निकायों में शामिल सीनेट और सिंडिकेट की आवश्यक अनुशंसा या अनुमोदन प्राप्त नहीं किया गया था।
सीनेट और सिंडिकेट की मंजूरी के बिना दी गई संबद्धता
नियमों के अनुसार किसी कॉलेज को विश्वविद्यालय से संबद्धता प्रदान करने की प्रक्रिया में निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। इसमें सीनेट और सिंडिकेट की भूमिका महत्वपूर्ण है। जांच समिति की रिपोर्ट में प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पहले से दी गई संबद्धता को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया।
इन चार कॉलेजों की संबद्धता हुई रद्द
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार जय प्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई है, वे हैं—
आरडीएम डिग्री कॉलेज, राठौड़ टोला, छपरा (सारण)।
डॉ. भूषण प्रसाद यादव डिग्री कॉलेज, महमदा (सारण)।
को-ऑपरेटिव डिग्री कॉलेज, सकड्डी (कोढ़), सारण।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर डिग्री कॉलेज, बड़हरिया (सीवान)।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी
संबद्धता रद्द किए जाने के बाद इन कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के सामने पढ़ाई को लेकर चिंता पैदा हो गई थी। हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन चारों कॉलेजों में पहले से नामांकित सभी छात्र-छात्राओं का आसपास के मान्यता प्राप्त नजदीकी डिग्री कॉलेजों में समायोजन किया जाए। विश्वविद्यालय को यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
आगे संबद्धता देने से पहले नियमों का पालन अनिवार्य
उच्च शिक्षा विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य के लिए भी सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि किसी भी नए या पुराने संस्थान को संबद्धता देने का प्रस्ताव राज्य सरकार या विभाग को तब तक नहीं भेजा जाए, जब तक विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट से उसका स्पष्ट अनुमोदन प्राप्त न हो जाए।
सीनेट और सिंडिकेट की क्या है भूमिका?
विश्वविद्यालय की व्यवस्था में सीनेट एक महत्वपूर्ण नीति-निर्धारक और अकादमिक निकाय है, जबकि सिंडिकेट विश्वविद्यालय का प्रमुख कार्यकारी निकाय होता है। दोनों निकायों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंजूरी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राज्य सरकार की इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि उच्च शिक्षण संस्थानों को संबद्धता देने में नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके समायोजन की व्यवस्था करने का निर्देश देकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि संबद्धता रद्द होने का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर न पड़े।