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Bihar: 'शिक्षा पर बजट का 20 प्रतिशत खर्च कर बनाई मिसाल', शिक्षा मंत्री बोले- महिला साक्षरता 74% तक पहुंची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 07:44 PM IST
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सार
बिहार सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर देश में उदाहरण पेश किया है। राज्य का लगभग 20 प्रतिशत वार्षिक बजट शिक्षा विभाग को दिया जा रहा है। इससे महिला साक्षरता दर बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निवेश से देश में अलग पहचान बनाई है। राज्य अपने वार्षिक बजट का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा विभाग को आवंटित कर मिसाल पेश कर रहा है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने छपरा में एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दी। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2001 में बिहार में महिलाओं की साक्षरता दर केवल 34 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू शिक्षा सुधार योजनाओं को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निजी शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहित कर रही है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
शिक्षा सुधार और छात्राओं का सशक्तिकरण
मंत्री ने बताया कि साइकिल योजना, छात्रवृत्ति, स्कूलों के भवन निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से छात्राओं की स्कूलों में उपस्थिति बढ़ी है। इस वजह से सरकारी नौकरियों में महिलाओं को दिए गए आरक्षण ने उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती दी है।
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डिजिटल युग में मोबाइल से दूरी की सलाह
रिविलगंज प्रखंड के एक निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने छात्रों को सलाह दी कि वर्तमान दौर में छात्र-छात्राओं को मोबाइल से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था अब दिन-दूनी रात-चौगुनी प्रगति कर रही है और बिहार की बेटियां शिक्षा के साथ सरकारी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कर रही हैं। हालांकि, डिजिटल युग में मोबाइल के लाभ और हानियों पर बहस जारी है। कुछ लोग मानते हैं कि मोबाइल का नियंत्रित और शैक्षणिक उपयोग विद्यार्थियों के लिए लाभकारी हो सकता है। ऑनलाइन कक्षाएं, ई-बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब डिजिटल माध्यमों पर काफी हद तक निर्भर है।
सरकार की प्राथमिकता और भविष्य की योजना
शिक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि बिहार जल्द ही देश के अग्रणी शैक्षणिक राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन शिक्षा और आईटी हब स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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शिक्षा सुधार और छात्राओं का सशक्तिकरण
मंत्री ने बताया कि साइकिल योजना, छात्रवृत्ति, स्कूलों के भवन निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से छात्राओं की स्कूलों में उपस्थिति बढ़ी है। इस वजह से सरकारी नौकरियों में महिलाओं को दिए गए आरक्षण ने उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती दी है।
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डिजिटल युग में मोबाइल से दूरी की सलाह
रिविलगंज प्रखंड के एक निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने छात्रों को सलाह दी कि वर्तमान दौर में छात्र-छात्राओं को मोबाइल से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था अब दिन-दूनी रात-चौगुनी प्रगति कर रही है और बिहार की बेटियां शिक्षा के साथ सरकारी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कर रही हैं। हालांकि, डिजिटल युग में मोबाइल के लाभ और हानियों पर बहस जारी है। कुछ लोग मानते हैं कि मोबाइल का नियंत्रित और शैक्षणिक उपयोग विद्यार्थियों के लिए लाभकारी हो सकता है। ऑनलाइन कक्षाएं, ई-बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब डिजिटल माध्यमों पर काफी हद तक निर्भर है।
सरकार की प्राथमिकता और भविष्य की योजना
शिक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि बिहार जल्द ही देश के अग्रणी शैक्षणिक राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन शिक्षा और आईटी हब स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।