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Budget 2026: बुनियादी ढांचा सुधारों पर देना होगा जोर, बजट में इन्फ्रा खर्च को दोगुना कर सकती है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Fri, 23 Jan 2026 04:11 AM IST
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सार
Budget 2026: भारत को वैश्विक आर्थिक पावरहाउस बनाने के लिए बुनियादी ढांचा सुधारों पर जोर देना होगा। विकसित भारत लक्ष्य पाने के लिए बजट में इन्फ्रा खर्च को सरकार दोगुना कर सकती है।
बजट से उम्मीदें: 03 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है इन्फ्रा परियोजनाओं पर खर्च को बढ़ाकर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
वैश्विक चुनौतियों, टैरिफ संकट और कई देशों में तनाव के बीच सरकार अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाकर 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए 2026-27 के बजट में बुनियादी ढांचा (इन्फ्रा) परियोजनाओं पर खर्च को दोगुना कर सकती है। खर्च बढ़ाने से न सिर्फ लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, बल्कि कमाई और खर्च में भी इजाफा होगा।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएससी) का कहना है कि भारत को वैश्विक आर्थिक पावरहाउस के रूप में स्थापित करने के सपने को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचा सुधारों और अलग-अलग क्षेत्रों में आवंटन बढ़ाने की जरूरत है। उनका मानना है कि पिछले साल राज्यों को ब्याज-मुक्त कर्ज के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये के आवंटन और हाईवे, शहरी परिवहन एवं स्मार्ट शहरों में ऐतिहासिक निवेश के आधार पर सरकार बजट में इन्फ्रा परियोजनाओं पर खर्च को दोगुना कर तीन लाख करोड़ कर सकती है।
एलएससी के सीईओ रविकांत यमार्थी ने कहा, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र जैसे-जैसे भारत की आर्थिक गति का इंजन बन रहा है, बजट-2026 आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने, रोजगार के अवसर सृजित करने और आत्मनिर्भर भारत में नए बेंचमार्क स्थापित करने का एक निर्णायक अवसर देता है। हाईवे, रेलवे और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर में वर्षों के बड़े निवेश के बाद बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर आवंटन को दोगुना करने की संभावना से आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और निवेश आकर्षित करने को बढ़ावा मिल सकता है।
इन्फ्रा के दम पर आएगी खपत की अगली लहर
संजय घोडावत ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्रेणिक घोडावत ने कहा, इन्फ्रा के दम पर ही देश में खपत की अगली लहर लाई जा सकती है। इसके लिए मॉडर्न वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन फैसिलिटी और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर जैसे खुदरा केंद्रित इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना होगा। इन्फ्रा पर लगातार जोर से नए मौके खुलेंगे।
एआई और डाटा सेंटर में निवेश टैक्स छूट की मांग
वर्टेक्स ग्रुप के संस्थापक गगन अरोड़ा ने कहा, उम्मीद है कि सरकार विश्वस्तरीय डाटा सेंटर में बड़े निवेश, इन सुविधाओं के लिए किफायती बिजली टैरिफ, अत्याधुनिक कंप्यूटिंग नेटवर्क और एआई हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में राहत दे सकती है। इस कदम से भारत को पूरी आर्थिक क्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें: बजट से उम्मीदें: टैरिफ संकट के बीच अर्थव्यवस्था की रफ्तार, निर्यात और रोजगार बढ़ाने वाला होगा बजट
तीन प्राथमिकताएं
ये भी पढ़ें: Budget: फिक्की का 'प्री-बजट सर्वे', GDP वृद्धि दर 7-8 % रहने की उम्मीद, रक्षा क्षेत्र पर 30% खर्च का अनुमान
ड्रोन पीएलआई
सर्वे में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा बजट में पूंजीगत खर्च का हिस्सा बढ़ाकर 30 फीसदी करने, ड्रोन पीएलआई योजना का आवंटन 1,000 करोड़ करने और 1,000 करोड़ रुपये का ड्रोन अनुसंधान एवं विकास कोष बनाने का सुझाव भी दिया गया।
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लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएससी) का कहना है कि भारत को वैश्विक आर्थिक पावरहाउस के रूप में स्थापित करने के सपने को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचा सुधारों और अलग-अलग क्षेत्रों में आवंटन बढ़ाने की जरूरत है। उनका मानना है कि पिछले साल राज्यों को ब्याज-मुक्त कर्ज के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये के आवंटन और हाईवे, शहरी परिवहन एवं स्मार्ट शहरों में ऐतिहासिक निवेश के आधार पर सरकार बजट में इन्फ्रा परियोजनाओं पर खर्च को दोगुना कर तीन लाख करोड़ कर सकती है।
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एलएससी के सीईओ रविकांत यमार्थी ने कहा, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र जैसे-जैसे भारत की आर्थिक गति का इंजन बन रहा है, बजट-2026 आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने, रोजगार के अवसर सृजित करने और आत्मनिर्भर भारत में नए बेंचमार्क स्थापित करने का एक निर्णायक अवसर देता है। हाईवे, रेलवे और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर में वर्षों के बड़े निवेश के बाद बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर आवंटन को दोगुना करने की संभावना से आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और निवेश आकर्षित करने को बढ़ावा मिल सकता है।
इन्फ्रा के दम पर आएगी खपत की अगली लहर
संजय घोडावत ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्रेणिक घोडावत ने कहा, इन्फ्रा के दम पर ही देश में खपत की अगली लहर लाई जा सकती है। इसके लिए मॉडर्न वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन फैसिलिटी और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर जैसे खुदरा केंद्रित इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना होगा। इन्फ्रा पर लगातार जोर से नए मौके खुलेंगे।
एआई और डाटा सेंटर में निवेश टैक्स छूट की मांग
वर्टेक्स ग्रुप के संस्थापक गगन अरोड़ा ने कहा, उम्मीद है कि सरकार विश्वस्तरीय डाटा सेंटर में बड़े निवेश, इन सुविधाओं के लिए किफायती बिजली टैरिफ, अत्याधुनिक कंप्यूटिंग नेटवर्क और एआई हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में राहत दे सकती है। इस कदम से भारत को पूरी आर्थिक क्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें: बजट से उम्मीदें: टैरिफ संकट के बीच अर्थव्यवस्था की रफ्तार, निर्यात और रोजगार बढ़ाने वाला होगा बजट
तीन प्राथमिकताएं
- वैश्विक तनाव बढ़ने के बीच एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और निर्यात को मजबूत समर्थन दिए जाने की जरूरत है। फिक्की के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर भरोसा जताया है।
- प्रतिनिधियों ने निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए आरओडीटीईपी योजना के तहत आवंटन बढ़ाने, विशेष आर्थिक क्षेत्र नीति में सुधार और सीमा-शुल्क करों को युक्तिसंगत बनाए जाने की भी मांग की है।
- सर्वे के आधार पर बजट के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं उभरकर सामने आई हैं। इनमें रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे पर लगातार जोर और निर्यात को मजबूत समर्थन शामिल हैं। बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, रक्षा और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी उम्मीद है।
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ड्रोन पीएलआई
सर्वे में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा बजट में पूंजीगत खर्च का हिस्सा बढ़ाकर 30 फीसदी करने, ड्रोन पीएलआई योजना का आवंटन 1,000 करोड़ करने और 1,000 करोड़ रुपये का ड्रोन अनुसंधान एवं विकास कोष बनाने का सुझाव भी दिया गया।