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हरियाणा में तेल पर एंट्री टैक्स हटने से बढ़ी पंजाब की मुश्किल
Updated Wed, 30 Mar 2016 09:20 AM IST
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पेट्रोल पंप
- फोटो : demo pic
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हरियाणा में कच्चे तेल पर एंट्री टैक्स खत्म होने से पंजाब के पेट्रोलियम डीलरों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इससे हरियाणा में पेट्रोल व डीजल के रेट और कम हो जाएंगे, जिसके चलते करोड़ों का कारोबार पंजाब से हरियाणा शिफ्ट होने की आशंका है।
पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल से गुहार लगाई है। इसके साथ ही एक्साइज एंड टैक्सेशन अधिकारियों से दखल देने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारी अशविंदर मोंगिया ने बताया कि इसके पीछे सारा खेल तेल कंपनियों का है।
पंजाब में तेल पर बेस रेट (स्टेट स्पेसिफिक कॉस्ट कम्पोनेंट) पानीपत रिफाइनरी का लगता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा समेत कुछ राज्यों ने दस मार्च 2016 को कच्चे तेल पर एंट्री टैक्स खत्म कर दिया, जिसके बाद पानीपत रिफाइनरी का बेस रेट घट गया। तेल कंपनियों ने उसी के मुताबिक हरियाणा में पेट्रोल व डीजल के रेट घटा दिए। हैरानी की बात यह है कि पंजाब में भी पानीपत रिफाइनरी की ही बेस रेट लागू होता है, लेकिन तेल कंपनियां यहां बेस रेट नहीं घटा रही हैं।
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उनकी दलील है कि पंजाब में तो एंट्री टैक्स लागू ही नहीं था। इस फैसले के बाद पंजाब में हरियाणा की तुलना में पेट्रोल 5.79 रुपये और डीजल 1.42 रुपये प्रति लीटर मंहगा हो गया है। इसकेसाथ ही लंबी दूरी केवाहन अब पंजाब केबजाय हरियाणा को तरजीह देने लगे हैं। पंजाब में सीमांत इलाकों और नेशनल व स्टेट हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर जल्द कोई कदम न उठाया गया तो पंजाब को एक हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। एक्साइज टैक्सेशन अधिकारियों ने एसोसिएशन को इसी हफ्ते मीटिंग के लिए बुलाने का आश्वासन दिया है। डीलरों की मांग है कि सरकार तेल कंपनियों पर दबाव डाल कर रेट कम करवाए।
बठिंडा रिफाइनरी का नहीं लगता बेस रेट
तेल कंपनियां जिन राज्यों में रिफाइनरी हैं, वहां की लागत के मुताबिक बेस रेट तय करती हैं। अगर रिफाइनरी नहीं है तो नजदीकी रिफाइनरी का बेस रेट लगाया जाता है। पंजाब में पहले पानीपत रिफाइनरी का बेस रेट लगता था, लेकिन बठिंडा रिफाइनरी को शुरू हुए चार साल हो गए हैं, पर उसका बेस रेट नहीं लगाया जा रहा है। पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि अगर सिर्फ बठिंडा का ही बेस रेट लगाया जाए तो पंजाब में तेल उत्पाद काफी सस्ते हो जाएंगे। एक बार राज्य सरकार ने यह मामला केंद्रीय मंत्रालय को भेजा भी था, पर मंत्रालय ने खारिज कर दिया।
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पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल से गुहार लगाई है। इसके साथ ही एक्साइज एंड टैक्सेशन अधिकारियों से दखल देने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारी अशविंदर मोंगिया ने बताया कि इसके पीछे सारा खेल तेल कंपनियों का है।
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पंजाब में तेल पर बेस रेट (स्टेट स्पेसिफिक कॉस्ट कम्पोनेंट) पानीपत रिफाइनरी का लगता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा समेत कुछ राज्यों ने दस मार्च 2016 को कच्चे तेल पर एंट्री टैक्स खत्म कर दिया, जिसके बाद पानीपत रिफाइनरी का बेस रेट घट गया। तेल कंपनियों ने उसी के मुताबिक हरियाणा में पेट्रोल व डीजल के रेट घटा दिए। हैरानी की बात यह है कि पंजाब में भी पानीपत रिफाइनरी की ही बेस रेट लागू होता है, लेकिन तेल कंपनियां यहां बेस रेट नहीं घटा रही हैं।
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उनकी दलील है कि पंजाब में तो एंट्री टैक्स लागू ही नहीं था। इस फैसले के बाद पंजाब में हरियाणा की तुलना में पेट्रोल 5.79 रुपये और डीजल 1.42 रुपये प्रति लीटर मंहगा हो गया है। इसकेसाथ ही लंबी दूरी केवाहन अब पंजाब केबजाय हरियाणा को तरजीह देने लगे हैं। पंजाब में सीमांत इलाकों और नेशनल व स्टेट हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर जल्द कोई कदम न उठाया गया तो पंजाब को एक हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। एक्साइज टैक्सेशन अधिकारियों ने एसोसिएशन को इसी हफ्ते मीटिंग के लिए बुलाने का आश्वासन दिया है। डीलरों की मांग है कि सरकार तेल कंपनियों पर दबाव डाल कर रेट कम करवाए।
बठिंडा रिफाइनरी का नहीं लगता बेस रेट
तेल कंपनियां जिन राज्यों में रिफाइनरी हैं, वहां की लागत के मुताबिक बेस रेट तय करती हैं। अगर रिफाइनरी नहीं है तो नजदीकी रिफाइनरी का बेस रेट लगाया जाता है। पंजाब में पहले पानीपत रिफाइनरी का बेस रेट लगता था, लेकिन बठिंडा रिफाइनरी को शुरू हुए चार साल हो गए हैं, पर उसका बेस रेट नहीं लगाया जा रहा है। पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि अगर सिर्फ बठिंडा का ही बेस रेट लगाया जाए तो पंजाब में तेल उत्पाद काफी सस्ते हो जाएंगे। एक बार राज्य सरकार ने यह मामला केंद्रीय मंत्रालय को भेजा भी था, पर मंत्रालय ने खारिज कर दिया।