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Chandigarh News: सात साल बाद भी फ्लैट का कब्जा नहीं, बिल्डर को 30 दिन में सौंपना होगा
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रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह कादियान की कोर्ट ने फ्लैट का कब्जा देने में देरी पर पंचकूला एक्सटेंशन-2 स्थित श्री वर्धमान ग्रीन स्पेस इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने बिल्डर को रोहतक निवासी गिरधारी (73) को 30 दिन में फ्लैट का कब्जा सौंपने का आदेश दिया है।
गिरधारी ने वर्ष 2015 में फ्लैट बुक कराया था और 19.62 लाख रुपये की पूरी मूल बिक्री राशि वर्ष 2018 तक जमा कर दी थी। समझौते के अनुसार मार्च 2019 तक कब्जा मिलना था, लेकिन सात साल बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। आयोग ने कोविड महामारी के कारण देरी की बिल्डर की दलील खारिज कर दी। आयोग ने कहा कि महामारी से पहले ही कब्जे की समयसीमा समाप्त हो चुकी थी। आदेश के तहत 24 नवंबर 2018 से कब्जा मिलने तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक पीड़ा व आर्थिक नुकसान के लिए दो लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के 10 हजार रुपये देने होंगे।
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गिरधारी ने वर्ष 2015 में फ्लैट बुक कराया था और 19.62 लाख रुपये की पूरी मूल बिक्री राशि वर्ष 2018 तक जमा कर दी थी। समझौते के अनुसार मार्च 2019 तक कब्जा मिलना था, लेकिन सात साल बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। आयोग ने कोविड महामारी के कारण देरी की बिल्डर की दलील खारिज कर दी। आयोग ने कहा कि महामारी से पहले ही कब्जे की समयसीमा समाप्त हो चुकी थी। आदेश के तहत 24 नवंबर 2018 से कब्जा मिलने तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक पीड़ा व आर्थिक नुकसान के लिए दो लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के 10 हजार रुपये देने होंगे।
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