{"_id":"6a6d0836ea22537ad60f3516","slug":"pedestrian-safety-a-major-challenge-in-chandigarh-374-people-died-in-road-accidents-over-five-years-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1084641-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: चंडीगढ़ में पैदल यात्रियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती, पांच साल में 374 लोगों की सड़क हादसों में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: चंडीगढ़ में पैदल यात्रियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती, पांच साल में 374 लोगों की सड़क हादसों में मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से 2024 के बीच चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 374 लोगों की मौत हुई है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैदल चलने वालों की मौत के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, फुटओवर ब्रिज, अंडरपास और सुरक्षित क्रॉसिंग जैसी सुविधाओं को परियोजनाओं का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा-138 के तहत राज्य सरकारों को पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियम बनाने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में आवश्यकता के अनुसार फुटपाथ, पैदल अंडरपास, फुटओवर ब्रिज और सुरक्षित क्रॉसिंग विकसित की जाती हैं। सभी परियोजनाओं में नियमित सेफ्टी ऑडिट भी अनिवार्य किए गए हैं ताकि पैदल यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित रह सके।
वर्ष 2020 से अब तक सड़क हादसों में इतने लोगों की जान गई
आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में वर्ष 2020 में सड़क हादसों में 53 लोगों की मौत हुई थी। यह संख्या 2021 में बढ़कर 96 हो गई। वर्ष 2022 में 83, वर्ष 2023 में 67 और वर्ष 2024 में 75 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई। पांच वर्षों में कुल 374 लोगों की मौत इस बात का संकेत है कि शहर में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभी भी व्यापक सुधार की आवश्यकता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैदल यात्रियों की मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो चंडीगढ़ में वर्ष 2020 में दो, 2021 में छह, 2022 में कोई भी मौत दर्ज नहीं हुई, जबकि वर्ष 2023 और 2024 में दो-दो लोगों की मौत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा-138 के तहत राज्य सरकारों को पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियम बनाने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में आवश्यकता के अनुसार फुटपाथ, पैदल अंडरपास, फुटओवर ब्रिज और सुरक्षित क्रॉसिंग विकसित की जाती हैं। सभी परियोजनाओं में नियमित सेफ्टी ऑडिट भी अनिवार्य किए गए हैं ताकि पैदल यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित रह सके।
विज्ञापन
वर्ष 2020 से अब तक सड़क हादसों में इतने लोगों की जान गई
आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में वर्ष 2020 में सड़क हादसों में 53 लोगों की मौत हुई थी। यह संख्या 2021 में बढ़कर 96 हो गई। वर्ष 2022 में 83, वर्ष 2023 में 67 और वर्ष 2024 में 75 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई। पांच वर्षों में कुल 374 लोगों की मौत इस बात का संकेत है कि शहर में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभी भी व्यापक सुधार की आवश्यकता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैदल यात्रियों की मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो चंडीगढ़ में वर्ष 2020 में दो, 2021 में छह, 2022 में कोई भी मौत दर्ज नहीं हुई, जबकि वर्ष 2023 और 2024 में दो-दो लोगों की मौत हुई।
विज्ञापन