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'साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है': वक्ता मंच ने 151 रचनाकारों को किया 'शब्द शिखर सम्मान' से सम्मानित

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Sun, 31 May 2026 06:54 PM IST
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सार

Vakta Manch CG: छत्तीसगढ़ की अग्रणी सामाजिक और साहित्यिक संस्था वक्ता मंच ने आज रविवार को राजधानी रायपुर के वृन्दावन सभागृह में "काव्य महाकुंभ" का आयोजन किया।

Vakta Manch honors 151 creators with 'Shabd Shikhar Samman' in Raipur cg
वक्ता मंच ने 151 रचनाकारों को किया 'शब्द शिखर सम्मान' से सम्मानित - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार

Vakta Manch CG: छत्तीसगढ़ की अग्रणी सामाजिक और साहित्यिक संस्था वक्ता मंच ने आज रविवार को राजधानी रायपुर के वृन्दावन सभागृह में "काव्य महाकुंभ" का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से चयनित 151 रचनाकारों को "शब्द शिखर सम्मान "से विभूषित किया गया। वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि  रायपुर, बस्तर, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बालोद ,रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दल्ली राजहरा , बेमेतरा से उपस्थित 151 रचनाकारों का काव्य पाठ एवं सम्मान हुआ।

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।पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी एवं पंडित पी के तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार सीमा पांडेय, लोकभवन में उपसचिव डॉ रूपेंद्र कवि तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अजीत मिश्रा विशिष्ट अतिथि की आसंदी को सुशोभित कर रहे थे । आयोजन के दौरान जांजगीर चांपा के लेखक उमेश कुमार श्रीवास की दो पुस्तकों पांच आगर एक कोरी तथा काव्य प्रत्यूषा एवं रायपुर के डॉ लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक माँ की रोटी का विमोचन हुआ। आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने कहा कि आज प्रदेश के गांव-गांव तक रचना कर्म जारी है। वक्ता मंच विगत 34 वर्षों से निरंतर कलमकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करते आ रहा है।  आज के आयोजन में नवोदित व प्रतिष्ठित दोनों धाराओं के रचनाकारों का सम्मान हो रहा है। आज 151 चयनित साहित्यकारों को उनकी सृजनशीलता,रचनाधर्मिता, मूल्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों हेतु सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि साहित्य राजनीति के आगे चलनेवाली मशाल है। 
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'साहित्यकार युग चेतना का वाहक'
साहित्यकारों को वर्तमान परिवेश की चुनौतियों का सामना करने रचनात्मक हस्तक्षेप करना होगा। साहित्यकार युग चेतना का वाहक होता है। साहित्य मानव जीवन की पीड़ाओं, संवेदनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज होता है। यह जन मानस को संघर्षों की प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करता है । कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के संयोजक शुभम साहू की ओर किया गया । काव्य गोष्ठी के सत्र का संचालन भिलाई के साहित्यकार राजाराम रसिक ने किया। संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राजेश पराते, शुभम साहू, विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, दुष्यंत साहू, परम कुमार, पूर्णेश डडसेना,करण बघेल, आशा साहू, डॉ गोपा शर्मा, डॉ इंद्रदेव यदु, पंडित खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, राजाराम रसिक, देव मानिकपुरी सहित टीम वक्ता मंच आदि मौजूद रहे।

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