कबीरधाम : सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का खुलासा, महिला सूदखोर अमीना ताज और उसका सहयोगी राकेश साहू गिरफ्तार
आज गुरुवार को कबीरधाम पुलिस ने सूदखोरी व ब्लैकमेलिंग का खुलासा किया है। पुलिस ने महिला सूदखोर अमीना ताज व उसके सहयोगी राकेश साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
विस्तार
आज गुरुवार को कबीरधाम पुलिस ने सूदखोरी व ब्लैकमेलिंग का खुलासा किया है। पुलिस ने महिला सूदखोर अमीना ताज व उसके सहयोगी राकेश साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया है। लंबे समय से सूदखोरी व धमकी के मामलों में संलिप्त अमीना ताज निवासी कवर्धा व उसके सहयोगी ड्राइवर राकेश साहू के खिलाफ कवर्धा थाना में धारा 308(2), 351(3), 3(5) व धारा 4 ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पीड़ितों ने बताया कि अमीना ताज जरूरतमंद लोगों को रकम देकर उस पर कई गुना ब्याज वसूलती थी। पीड़ित ने मात्र 50 हजार रुपए का कर्ज लिया, जिस पर उसने करीब 6 लाख रुपए वसूल लिए। फिर भी ब्लैंक चेक के सहारे लगातार धमकी व ब्लैकमेल किया जाता रहा। रकम न देने पर गाली-गलौज, मारपीट, सामाजिक अपमान और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। उसका सहयोगी राकेश साहू लोगों के घर जाकर जबरदस्ती वसूली करता था। मारपीट व धमकी देकर आतंक का माहौल फैलाता था।
ऊंची पहुंच होने का देती थी धमकी
पुलिस ने बताया कि हाल ही में वायरल एक ऑडियो में अमीना ताज एक पीड़ित को यह कहकर धमका रही थी कि यदि कोई उसके खिलाफ थाना में आवेदन देगा, तो एफआईआर तो दूर, उसका आवेदन तक स्वीकार नहीं होगा। इस प्रकार वह पुलिस और कानून से ऊपर होने का झूठा भय दिखाकर लोगों का शोषण कर रही थी। पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनके घर व कार्यालय में दबिश दी। दबिश के दौरान उधारी लेनदेन के कागजात और पीड़ितों द्वारा हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, लेनदेन संबंधी रजिस्टर, अन्य सामग्री बरामद की गई है, जिसकी जांच जारी है। इससे उनके सूदखोरी और अवैध गतिविधियों का और बड़ा जाल सामने आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त अमीना ताज के खिलाफ प्राप्त अन्य चार प्रार्थियों के आवेदन भी जांच में शामिल किए गए हैं।
कोर्ट में रिमांड पेश किया
डीएसपी कृष्णा चंद्राकर ने बताया कि दोनों आरोपी को कोर्ट में रिमांड के लिए पेश कर दिया गया है। इसके साथ ही, पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी स्थिति में अवैध सूदखोरों से कर्ज न लें। लोन की आवश्यकता होने पर केवल अधिकृत बैंक या सहकारी संस्थाओं से ही लेना उचित व सुरक्षित है। इसके अलावा जिले के कुछ अन्य सूदखोरों के खिलाफ भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पर्याप्त आधार मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।