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रायगढ़ में ठग ने रचा जाल: फर्जी किरायानामा पर ट्रेलर लिया, रायपुर में बेचा; ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: रायगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 03:39 PM IST
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सार
रायगढ़ में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। जहां एक शातिर ठग ने फर्जी किरायानामा और कोरा चेक देकर ट्रेलर वाहन किराए पर लिया। बाद में उसने उस वाहन को रायपुर में बेच दिया।
आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शातिर ठग ने फर्जी किरायानामा और ब्लैंक चेक देकर ट्रेलर वाहन किराये पर लेकर उसे रायपुर में बेच देने का मामला सामने आया है। प्रार्थी की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी हरदीप सिंह ने पिछले दिनों कोतरा रोड थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि दो साल पहले उसके मोबाईल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया जिसने स्वयं को राकेश डनसेना बताते हुए ट्रेलर वाहन किराये पर लेने की इच्छा जताई। बातचीत एवं मुलाकात के बाद वाहन का मासिक किराया 80 हजार रुपये तय हुआ तथा 07 नवंबर 2024 को किरायानामा निष्पादित किया गया।
प्रार्थी ने बताया कि आरोपी ने उसे एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी अमानत स्वरूप दिया गया जिसमें हस्ताक्षर के स्थान पर राकेश लिखा हुआ था। वाहन प्राप्त करने के बाद आरोपी का मोबाईल बंद हो गया तथा न तो किराया दिया गया और ना ही वाहन वापस किया गया।
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जिसके बाद स्वयं से पडताल करने पर पता चला कि आरोपी का वास्तविक नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू निवासी ग्राम गहमाई, पुसौर तथा बैंक खाता भी उसी के नाम से संचालित था। इस प्रकार फर्जी नाम पते का उपयोग करके वाहन किराये पर लेकर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में कोतरा रोड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 319, 336(3) एवं 340(2) के तहत अपराध दर्ज करते हुए मामले को विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर कोतरा रोड थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिये लगातार पतासाजी की जा रही थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी सुदामा प्रधान पहले भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। कोतरा रोड रोड़ एवं सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने कल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
ट्रेलर को बेचने की बनाई योजना
इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह बी.ए. तक शिक्षित है तथा चालक पवन सिंह, राजवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह एवं हरदीप सिंह को विगत पांच-छह वर्षों से जानता है। सभी लोग एनटीपीसी लारा में ट्रेलर वाहनों का संचालन करते थे। आरोपी ने खुलासा किया कि वर्ष 2024 में उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह की ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर बेच देने की योजना बनाई थी।
फर्जी किरायानामा किया तैयार
आरोपी ने बताया कि योजना के अनुसार गुरप्रीत सिंह ने हरदीप सिंह को एनटीपीसी में वाहन चलाने के नाम पर वाहन किराये पर देने के लिए तैयार किया। आरोपी सुदामा प्रधान ने स्वयं को राकेश डनसेना बताकर हरदीप सिंह से संपर्क किया तथा प्रतिमाह 80 हजार रुपये किराया तय किया। विश्वास अर्जित करने के उद्देश्य से राकेश डनसेना के नाम से 50 रुपये के स्टाम्प पर फर्जी किरायानामा तैयार किया गया तथा एचडीएफसी बैंक का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक प्रार्थी को दिया गया। इसके पश्चात गोरखा स्थित पार्किंग से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी 15 एसी 4476 को लेकर आरोपी एवं उसका साथी रायपुर चले गए।
रायपुर में बेच दिया ट्रेलर वाहन
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र स्थित मेंटल पार्क के पास वाहन को हार्स एवं ट्राला सहित एक व्यक्ति को 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया गया था तथा प्राप्त राशि दोनों आरोपियों द्वारा आपस में बराबर बांट ली गई। अपने हिस्से की रकम में से लगभग 15 हजार रुपये शेष होना बताया गया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान पूर्व में वाहन चोरी एवं मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
आरोपी से पूछताछ के बाद कोतरारोड़ पुलिस ने रायपुर जाकर वाहन की पतासाजी की गई, जहां जानकारी मिली कि उक्त ट्रेलर वाहन को रायपुर स्थित केसीएम डिस्पोजल गोदाम में काट दिया गया है। गोदाम संचालक बिलाल खां की मृत्यु हो चुकी है। मामले में सह आरोपी गुरप्रीत सिंह फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रकरण में आरोपी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी हरदीप सिंह ने पिछले दिनों कोतरा रोड थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि दो साल पहले उसके मोबाईल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया जिसने स्वयं को राकेश डनसेना बताते हुए ट्रेलर वाहन किराये पर लेने की इच्छा जताई। बातचीत एवं मुलाकात के बाद वाहन का मासिक किराया 80 हजार रुपये तय हुआ तथा 07 नवंबर 2024 को किरायानामा निष्पादित किया गया।
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प्रार्थी ने बताया कि आरोपी ने उसे एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी अमानत स्वरूप दिया गया जिसमें हस्ताक्षर के स्थान पर राकेश लिखा हुआ था। वाहन प्राप्त करने के बाद आरोपी का मोबाईल बंद हो गया तथा न तो किराया दिया गया और ना ही वाहन वापस किया गया।
जिसके बाद स्वयं से पडताल करने पर पता चला कि आरोपी का वास्तविक नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू निवासी ग्राम गहमाई, पुसौर तथा बैंक खाता भी उसी के नाम से संचालित था। इस प्रकार फर्जी नाम पते का उपयोग करके वाहन किराये पर लेकर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में कोतरा रोड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 319, 336(3) एवं 340(2) के तहत अपराध दर्ज करते हुए मामले को विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर कोतरा रोड थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिये लगातार पतासाजी की जा रही थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी सुदामा प्रधान पहले भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। कोतरा रोड रोड़ एवं सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने कल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
ट्रेलर को बेचने की बनाई योजना
इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह बी.ए. तक शिक्षित है तथा चालक पवन सिंह, राजवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह एवं हरदीप सिंह को विगत पांच-छह वर्षों से जानता है। सभी लोग एनटीपीसी लारा में ट्रेलर वाहनों का संचालन करते थे। आरोपी ने खुलासा किया कि वर्ष 2024 में उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह की ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर बेच देने की योजना बनाई थी।
फर्जी किरायानामा किया तैयार
आरोपी ने बताया कि योजना के अनुसार गुरप्रीत सिंह ने हरदीप सिंह को एनटीपीसी में वाहन चलाने के नाम पर वाहन किराये पर देने के लिए तैयार किया। आरोपी सुदामा प्रधान ने स्वयं को राकेश डनसेना बताकर हरदीप सिंह से संपर्क किया तथा प्रतिमाह 80 हजार रुपये किराया तय किया। विश्वास अर्जित करने के उद्देश्य से राकेश डनसेना के नाम से 50 रुपये के स्टाम्प पर फर्जी किरायानामा तैयार किया गया तथा एचडीएफसी बैंक का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक प्रार्थी को दिया गया। इसके पश्चात गोरखा स्थित पार्किंग से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी 15 एसी 4476 को लेकर आरोपी एवं उसका साथी रायपुर चले गए।
रायपुर में बेच दिया ट्रेलर वाहन
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र स्थित मेंटल पार्क के पास वाहन को हार्स एवं ट्राला सहित एक व्यक्ति को 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया गया था तथा प्राप्त राशि दोनों आरोपियों द्वारा आपस में बराबर बांट ली गई। अपने हिस्से की रकम में से लगभग 15 हजार रुपये शेष होना बताया गया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान पूर्व में वाहन चोरी एवं मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
आरोपी से पूछताछ के बाद कोतरारोड़ पुलिस ने रायपुर जाकर वाहन की पतासाजी की गई, जहां जानकारी मिली कि उक्त ट्रेलर वाहन को रायपुर स्थित केसीएम डिस्पोजल गोदाम में काट दिया गया है। गोदाम संचालक बिलाल खां की मृत्यु हो चुकी है। मामले में सह आरोपी गुरप्रीत सिंह फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रकरण में आरोपी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।