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रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आगाज: देशभर के 120 साहित्यकार शामिल, राज्यसभा उप सभापति हरिवंश ने किया उद्घाटन
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Fri, 23 Jan 2026 04:52 PM IST
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सार
आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की शानदार शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आगाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की शानदार शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति कुमुद शर्मा और अभिनेता व रंगकर्मी मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। साहित्य, पत्रकारिता और संस्कृति जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग भी समारोह में शामिल हुए।
उद्घाटन के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों पर आधारित कॉफी टेबल बुक और चार नई पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप सभापति हरिवंश ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का काम करता है। एक लेखक और एक किताब भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जगाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का महाकुंभ है। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए 120 से अधिक साहित्यकार भाग ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कुल 42 सत्रों के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और समकालीन विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की भावना को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। कविता और लेखन ने समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकारों और कवियों को याद करते हुए उनकी विरासत को सहेजने की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी बताया कि उत्सव के विभिन्न मंडप छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकारों के नाम पर रखे गए हैं, जिससे नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित यह उत्सव साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष है। वहीं कुलपति कुमुद शर्मा ने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में साहित्यकारों ने साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और युवा वर्ग कार्यक्रम में शामिल हुआ। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति कुमुद शर्मा और अभिनेता व रंगकर्मी मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। साहित्य, पत्रकारिता और संस्कृति जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग भी समारोह में शामिल हुए।
उद्घाटन के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों पर आधारित कॉफी टेबल बुक और चार नई पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप सभापति हरिवंश ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का काम करता है। एक लेखक और एक किताब भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जगाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का महाकुंभ है। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए 120 से अधिक साहित्यकार भाग ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कुल 42 सत्रों के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और समकालीन विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की भावना को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। कविता और लेखन ने समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकारों और कवियों को याद करते हुए उनकी विरासत को सहेजने की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी बताया कि उत्सव के विभिन्न मंडप छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकारों के नाम पर रखे गए हैं, जिससे नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित यह उत्सव साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष है। वहीं कुलपति कुमुद शर्मा ने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में साहित्यकारों ने साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और युवा वर्ग कार्यक्रम में शामिल हुआ। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
