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रायपुर सीवर हादसा: तीन मजदूरों की मौत के बाद अस्पताल ने घोषित किया मुआवजा, ठेकेदार पर FIR दर्ज
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:12 PM IST
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सार
पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बीच कागजी प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद देर शाम अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों के लिए राहत पैकेज घोषित किया।
तीन मजदूरों की मौत के बाद अस्पताल ने घोषित किया मुआवजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में सीवर सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने मुआवजे की घोषणा कर दी है। घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने न्याय और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर आंबेडकर अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बीच कागजी प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद देर शाम अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों के लिए राहत पैकेज घोषित किया। इस घोषणा के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा मृतकों के आश्रितों और बच्चों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए 18 वर्ष की आयु तक हर महीने 20 हजार रुपये देने का भी निर्णय लिया गया है।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सिमरन सिटी निवासी गोविंद सेंद्रे (35), भाठागांव के अनमोल माझी (25) और प्रशांत कुमार (25) के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ था।
जांच में सामने आया है कि इस पूरी घटना के पीछे गंभीर लापरवाही जिम्मेदार थी। पुलिस के अनुसार ठेकेदार किशन सोनी ने अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बिना प्रशिक्षित मजदूरों को सीवर सफाई के लिए उतार दिया। करीब 25 फीट गहरे सीवर में काम कर रहे मजदूरों को न तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
प्राथमिक जांच के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदारी प्रणाली में व्याप्त लापरवाही को उजागर करती है, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बीच कागजी प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद देर शाम अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों के लिए राहत पैकेज घोषित किया। इस घोषणा के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा मृतकों के आश्रितों और बच्चों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए 18 वर्ष की आयु तक हर महीने 20 हजार रुपये देने का भी निर्णय लिया गया है।
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इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सिमरन सिटी निवासी गोविंद सेंद्रे (35), भाठागांव के अनमोल माझी (25) और प्रशांत कुमार (25) के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ था।
जांच में सामने आया है कि इस पूरी घटना के पीछे गंभीर लापरवाही जिम्मेदार थी। पुलिस के अनुसार ठेकेदार किशन सोनी ने अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बिना प्रशिक्षित मजदूरों को सीवर सफाई के लिए उतार दिया। करीब 25 फीट गहरे सीवर में काम कर रहे मजदूरों को न तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
प्राथमिक जांच के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदारी प्रणाली में व्याप्त लापरवाही को उजागर करती है, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।