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राज और नीति : बर्णवाल को मुख्य सचिव बनाकर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश
सार
मुख्य सचिव के रूप में अशोक बर्णवाल की त्वरित नियुक्ति को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बढ़ती राजनीतिक और प्रशासनिक मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अनुराग जैन के नीति आयोग जाने के कुछ ही मिनटों में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति ने स्पष्ट किया कि अब फैसलों में मुख्यमंत्री की पकड़ पहले से अधिक मजबूत है।
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राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के मुख्य सचिव पद पर अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के बहाने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह स्पष्ट संदेश सभी को दे दिया है कि अब 'मैं ऑल पॉवरफुल'। कल शाम जैसे ही मुख्य सचिव अनुराग जैन की नीति आयोग में सीईओ के पद पर नियुक्ति का आदेश आया उसके कुछ मिनटों में ही अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के मुख्य सचिव बनने के आदेश जारी हो गए। इसके पहले इन्हीं मुख्यमंत्री और पहले के भी कई मुख्यमंत्री के कार्यकालों को अगर देखा जाए तो मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक रूप से भी हरी झंडी लेनी होती थी। इसके लिए कई दिनों तक इंतजार भी करना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। इससे जाहिर होता है कि अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले की तुलना में बहुत मजबूत हो गए हैं।
प्रमोशन-पोस्टिंग पर दो आईएफएस आमने-सामने
प्रमोशन-पोस्टिंग को लेकर वन विभाग के दो आईएफएस आमने-सामने हो गए हैं। ये दो अफसर हैं 2011 बैच की आईएफएस एवं प्रभारी सीएफ सिवनी संध्या और 2006 बैच के सीनियर आईएफएस और पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर जे. देवा प्रसाद। दरअसल, हुआ यूं कि पेंच टाइगर रिजर्व में पदस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन के बाद सर्किल प्रभारी संध्या ने उन्हें वहां से हटा दिया। बताया गया है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को हटाने से पहले पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक देवा प्रसाद, जो प्रभारी सीएफ संध्या से काफी सीनियर हैं, से परामर्श तक नहीं किया। यही नहीं, जूनियर महिला अधिकारी ने स्थानांतरित कर्मचारियों को एक तरफा भार मुक्त कर सीनियर अफसर को सख्त पत्र लिख दिया। देवा प्रसाद का कहना है कि स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों को भारमुक्त किए जाने से स्थापना एवं व्यय शाखा जैसी महत्वपूर्ण शाखा के कार्यों के सुचारू रूप से संपादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में अब यह देखना है कि क्या वन मुख्यालय इस मामले में कोई कार्रवाई करता है?
डीजीपी मकवाना को सेवा विस्तार की चर्चा
मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना इसी साल नवंबर में रिटायर हो रहे हैं। हालांकि, उनके रिटायरमेंट को अभी चार महीने बाकी हैं, लेकिन पुलिस मुख्यालय में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा। डीजीपी मकवाना की जन हितैषी कार्यप्रणाली से उनकी गिनती मुख्यमंत्री के पसंदीदा अफसरों में होती है।
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सीएम के साथ सेल्फी एसपी को भारी पड़ी
टीकमगढ़ के एसपी मनोहर सिंह मंडलोई का तबादला मुख्यमंत्री के दौरे से भोपाल लौटने के बाद तत्काल कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार एसपी साहब बिना निर्धारित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री से टीकमगढ़ के कंट्रोल रूम का उद्घाटन करवाना चाहते थे। उन्होंने पहले भोपाल पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यक्रम जुड़वाने की कोशिश की थी। इसके बावजूद टीकमगढ़ के निर्धारित कार्यक्रम में यह कार्यक्रम शामिल नहीं हो पाया। सीएम के दौरे के दौरान हेलीपैड के रास्ते में पड़ने वाले कंट्रोल रूम के सामने बच्चों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी रुकवा ली और एसपी उन्हें कंट्रोल रूम तक ले गए। वहां एसपी ने सीएम के साथ सेल्फी भी ली। टीकमगढ़ हेलीपैड पर पूर्व मंत्री सहित जिले के बीजेपी के मौजूदा और पूर्व विधायकों ने एसपी की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। सूत्र बताते हैं कि इन सब घटनाक्रम के चलते उनका तबादला हुआ है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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प्रमोशन-पोस्टिंग पर दो आईएफएस आमने-सामने
प्रमोशन-पोस्टिंग को लेकर वन विभाग के दो आईएफएस आमने-सामने हो गए हैं। ये दो अफसर हैं 2011 बैच की आईएफएस एवं प्रभारी सीएफ सिवनी संध्या और 2006 बैच के सीनियर आईएफएस और पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर जे. देवा प्रसाद। दरअसल, हुआ यूं कि पेंच टाइगर रिजर्व में पदस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन के बाद सर्किल प्रभारी संध्या ने उन्हें वहां से हटा दिया। बताया गया है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को हटाने से पहले पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक देवा प्रसाद, जो प्रभारी सीएफ संध्या से काफी सीनियर हैं, से परामर्श तक नहीं किया। यही नहीं, जूनियर महिला अधिकारी ने स्थानांतरित कर्मचारियों को एक तरफा भार मुक्त कर सीनियर अफसर को सख्त पत्र लिख दिया। देवा प्रसाद का कहना है कि स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों को भारमुक्त किए जाने से स्थापना एवं व्यय शाखा जैसी महत्वपूर्ण शाखा के कार्यों के सुचारू रूप से संपादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में अब यह देखना है कि क्या वन मुख्यालय इस मामले में कोई कार्रवाई करता है?
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डीजीपी मकवाना को सेवा विस्तार की चर्चा
मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना इसी साल नवंबर में रिटायर हो रहे हैं। हालांकि, उनके रिटायरमेंट को अभी चार महीने बाकी हैं, लेकिन पुलिस मुख्यालय में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा। डीजीपी मकवाना की जन हितैषी कार्यप्रणाली से उनकी गिनती मुख्यमंत्री के पसंदीदा अफसरों में होती है।
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सीएम के साथ सेल्फी एसपी को भारी पड़ी
टीकमगढ़ के एसपी मनोहर सिंह मंडलोई का तबादला मुख्यमंत्री के दौरे से भोपाल लौटने के बाद तत्काल कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार एसपी साहब बिना निर्धारित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री से टीकमगढ़ के कंट्रोल रूम का उद्घाटन करवाना चाहते थे। उन्होंने पहले भोपाल पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यक्रम जुड़वाने की कोशिश की थी। इसके बावजूद टीकमगढ़ के निर्धारित कार्यक्रम में यह कार्यक्रम शामिल नहीं हो पाया। सीएम के दौरे के दौरान हेलीपैड के रास्ते में पड़ने वाले कंट्रोल रूम के सामने बच्चों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी रुकवा ली और एसपी उन्हें कंट्रोल रूम तक ले गए। वहां एसपी ने सीएम के साथ सेल्फी भी ली। टीकमगढ़ हेलीपैड पर पूर्व मंत्री सहित जिले के बीजेपी के मौजूदा और पूर्व विधायकों ने एसपी की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। सूत्र बताते हैं कि इन सब घटनाक्रम के चलते उनका तबादला हुआ है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।